रांची: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को महिला योग शिक्षिका राफिया नाज पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में रांची की एमपी-एमएलए विशेष अदालत से राहत मिली है। अदालत में पेश होने के बाद उन्हें 10-10 हजार रुपये के दो बॉन्ड पर जमानत दे दी गई। मामले की अगली सुनवाई 21 दिन बाद होगी।
यह मामला वर्ष 2020 का है। 19 अगस्त 2020 को योग शिक्षिका राफिया नाज ने एक निजी टीवी चैनल की बहस के दौरान उनके पहनावे को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाते हुए रांची सिविल कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में मंत्री पर महिला की लज्जा भंग करने सहित अन्य आरोप लगाए गए थे।
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान इरफान अंसारी खुद अदालत में उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि वह अदालत का सम्मान करते हैं, इसलिए स्वयं कोर्ट में आए हैं। उन्होंने राफिया नाज को अपनी बहन बताते हुए कहा कि उनसे कुछ गलतियां हो जाती हैं और वह उनका सम्मान करते हैं।
इरफान अंसारी के अधिवक्ता ने बताया कि एमपी-एमएलए विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान मंत्री को 10-10 हजार रुपये के दो बॉन्ड पर जमानत मिली है। अब इस मामले में 21 दिन बाद दोबारा सुनवाई होगी।
वहीं, राफिया नाज के अधिवक्ता ने कहा कि मामला कोविड संक्रमण काल का है। उस दौरान एक टीवी डिबेट में राफिया नाज के पहनावे को लेकर इरफान अंसारी की कथित टिप्पणी के बाद यह मामला अदालत तक पहुंचा था। सोमवार को इसी मामले में सुनवाई हुई।


