रांची: -झारखंड के कई इलाकों में लेवी वसूली का बढ़ता दबाव अब उन लोगों के लिए बड़ी चिंता बन गया है, जो रोजी-रोटी के लिए घर से निकलते हैं। अपराधियों की ओर से लेवी की मांग को लेकर धमकी और हिंसा की घटनाओं में गरीब मजदूर, ड्राइवर और सुरक्षा गार्ड सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
लेवी नहीं देने या विरोध करने पर अपराधियों की ओर से वाहनों को निशाना बनाने, काम रुकवाने और कर्मचारियों को धमकाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कई मामलों में आम मजदूर और ड्राइवर ही हिंसा की चपेट में आ जाते हैं, जबकि उनका अपराधियों से कोई सीधा संबंध नहीं होता।
खनन, निर्माण और परिवहन से जुड़े कामगारों को संवेदनशील इलाकों में लगातार डर के माहौल में काम करना पड़ रहा है। वाहन चालकों और सुरक्षा गार्डों के लिए रात में आवाजाही और ड्यूटी करना भी चुनौती बनता जा रहा है।
लेवी वसूली का यह पूरा खेल सिर्फ कारोबारियों और ठेकेदारों को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसकी सबसे बड़ी कीमत अक्सर रोज कमाने-खाने वाले गरीब कामगारों को चुकानी पड़ती है। ऐसे में अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों में काम करने वाले मजदूरों, ड्राइवरों और गार्डों की सुरक्षा मजबूत करना भी जरूरी है।


