दुमका:- दुमका के आदिवासी छात्रावास की बदहाल स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रावास में करीब 250 बच्चे रह रहे हैं, लेकिन भवन की हालत बेहद खराब है। बारिश के दौरान कई जगहों से छत टपकने के कारण छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
छात्रावास में पर्याप्त शौचालय की सुविधा भी नहीं है। करीब 250 छात्रों के बीच महज 5 टॉयलेट ही चालू हालत में हैं, जिससे रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर छात्रों को काफी दिक्कत होती है। साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की कमी से भी छात्र परेशान हैं।
छात्रों का कहना है कि लंबे समय से छात्रावास की मरम्मत और सुविधाओं में सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। जर्जर भवन, टपकती छत और शौचालयों की कमी के बीच छात्रों की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होने की आशंका है।
छात्रों ने प्रशासन से छात्रावास की तत्काल मरम्मत कराने, सभी शौचालयों को चालू कराने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।


