रांची:- JPSC और JSSC-CGL परीक्षा में कथित धांधली और राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुई एकतरफा कार्रवाई को लेकर भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी मंगलवार को भाजपा नेताओं के साथ रांची सदर अंचलाधिकारी सह दंडाधिकारी के कार्यालय पहुंचे और छात्रों के पक्ष में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत छात्र शांतिपूर्वक पुतला दहन कर रहे थे, लेकिन इस दौरान कुछ लोगों ने कार्यक्रम में बाधा डाली और छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया। उनका कहना है कि कार्रवाई छात्रों पर की गई, जबकि कथित तौर पर हंगामा करने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
नेता प्रतिपक्ष ने अधिकारियों को सरकार के दबाव में काम नहीं करने की नसीहत देते हुए कहा कि पदाधिकारियों को किसी सरकार की कठपुतली बनने के बजाय कानून और विधि सम्मत तरीके से निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
मरांडी ने आरोप लगाया कि घटना से जुड़े कई वीडियो और अन्य साक्ष्य सोशल मीडिया पर मौजूद हैं, जिनके आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा सकती है। उन्होंने मांग की कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ उन लोगों पर भी प्राथमिकी दर्ज की जाए, जिन्होंने कथित रूप से कार्यक्रम में व्यवधान और दुर्व्यवहार किया।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई, तो भाजपा कार्यकर्ता और नेता दंडाधिकारी के कार्यालय के सामने धरना देने के लिए मजबूर होंगे। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि उन्होंने 24 अगस्त को ही चेतावनी दी थी और अब 25 अगस्त को अधिकारियों के कार्यालय पहुंचकर अपनी मांग दोहराई है।
इस पूरे मामले को लेकर झारखंड में छात्र आंदोलन और राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। भाजपा ने जहां छात्रों के साथ खड़े रहने की बात कही है, वहीं प्रशासन की कार्रवाई और निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।


