रांची:– राजधानी रांची के कांके स्थित ऐतिहासिक बेकन फैक्ट्री को फिर से जीवंत करने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि फैक्ट्री के इतिहास को दफन नहीं होने दिया जाएगा, बल्कि इसे ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित करने के साथ दोबारा उपयोगी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने बताया कि बेकन फैक्ट्री का इतिहास काफी समृद्ध रहा है। आज भी फैक्ट्री परिसर में कई पुरानी मशीनें और वाहन मौजूद हैं, जो इसके गौरवशाली अतीत की याद दिलाते हैं। एक समय यह फैक्ट्री अपने काम और मीट प्रोसेसिंग के लिए पूरे एशिया में पहचान रखती थी।
जानकारी के अनुसार, 23 अगस्त 1966 को एकीकृत बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने फैक्ट्री का शिलान्यास किया था। इसके बाद 1972 में तत्कालीन बिहार के राज्यपाल देवकांत बरुआ ने इसका उद्घाटन किया था। यह फैक्ट्री एशिया के प्रमुख मीट प्रोसेसिंग केंद्रों में शामिल थी।
फैक्ट्री के कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए तृतीय और चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों को डेनमार्क तक भेजा गया था। हालांकि कूलिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी और सरकार की उदासीनता के कारण वर्ष 1996 में फैक्ट्री बंद हो गई।
अब सरकार की ओर से इस ऐतिहासिक परिसर के संरक्षण और पुनर्जीवन की तैयारी की जा रही है। कृषि विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फैक्ट्री की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखते हुए इसके भविष्य के उपयोग को लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है।


