रांची:- वर्षों से अतिक्रमण की चपेट में रही रांची नगर निगम की जमीन अब शहर के भविष्य के विकास की आधारशिला बनेगी। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन सिर्फ खाली कराई गई भूमि नहीं, बल्कि रांची के दीर्घकालिक विकास की महत्वपूर्ण पूंजी है। निगम का लक्ष्य सार्वजनिक भूमि की एक-एक इंच जमीन को सुरक्षित रखना और जरूरत के अनुसार उसे जनोपयोगी परिसंपत्ति में विकसित करना है।
नगर आयुक्त ने कहा कि रांची नगर निगम पिछले एक वर्ष से निगम की संपत्तियों और महत्वपूर्ण सार्वजनिक भूमियों को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में लगातार कार्रवाई कर रहा है। वर्षों से अतिक्रमित या अनधिकृत कब्जे वाली जमीन को चरणबद्ध तरीके से खाली कराने के बाद अब उसके सीमांकन, चारदीवारी निर्माण, संरक्षण और अभिलेखीकरण पर जोर दिया जा रहा है।
सिर्फ अतिक्रमण हटाना नहीं, जमीन का उपयोग भी होगा सुनिश्चित
नगर निगम की रणनीति केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है। अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि को सुरक्षित रखने के साथ भविष्य की जरूरतों के अनुसार उसका जनहित में उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। निगम का उद्देश्य ऐसी जमीनों को दोबारा अतिक्रमण से बचाना और उन्हें शहर की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है।
नगर आयुक्त के अनुसार, डोरंडा बाजार और लोआडीह में दैनिक मजदूरों के लिए लेबर चौक विकसित किया गया है। निगम की अन्य उपयोगी जमीनों पर लाइब्रेरी, आश्रयगृह, सार्वजनिक सुविधाएं, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी आधारभूत संरचनाएं तथा अन्य जनोपयोगी योजनाएं विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
बढ़ते शहरीकरण के बीच सार्वजनिक जमीन का महत्व
सुशांत गौरव ने कहा कि बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे शहरीकरण के बीच आने वाले वर्षों में रांची को पार्क, सामुदायिक सुविधाओं, सार्वजनिक आधारभूत संरचनाओं, परिवहन, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी योजनाओं के लिए पर्याप्त जमीन की आवश्यकता होगी। ऐसे में अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन को सुरक्षित करना शहर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि निगम की भूमि को सुरक्षित और व्यवस्थित करने से नगर निकाय का म्युनिसिपल एसेट बेस भी मजबूत होगा। भविष्य में म्युनिसिपल बॉन्ड, पीपीपी प्रोजेक्ट और अर्बन चैलेंज फंड जैसी वित्तीय व्यवस्थाओं के जरिए विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट स्वामित्व वाली सुरक्षित परिसंपत्तियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
इन प्रमुख स्थानों पर जमीन कराई गई अतिक्रमण मुक्त
रांची नगर निगम की ओर से पिछले एक वर्ष में कई क्षेत्रों में निगम और सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- एदलहातू में करीब 4.8 एकड़
- कुसुम विहार में 78.65 डिसमिल
- करमटोली तालाब के समीप 51 डिसमिल
- ग्वाला टोली, डोरंडा में करीब 1.20 एकड़
- उर्दू स्कूल, थड़पखना में 31.5 डिसमिल
- मोरहाबादी इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन के समीप
- मोरहाबादी रजिस्ट्री ऑफिस के समीप
- नागाबाबा खटाल स्थित एमआरएफ सेंटर
- ट्रेकर स्टैंड एमआरएफ सेंटर
- बकरी बाजार स्टोर
- धुर्वा, जगन्नाथपुर और खादगढ़ा आश्रयगृह
- बड़ा घाघरा में करीब 2.80 एकड़
- मनिटोला में करीब 11 डिसमिल
- डोरंडा बाजार में करीब एक एकड़
- बूटी मोड़ चौक के समीप करीब 0.44 एकड़
- तुपुदाना में निफ्ट के समीप
- कांटाटोली बस स्टैंड, बड़गाईं और बांधगाड़ी समेत अन्य क्षेत्र
नगर निगम का कहना है कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई इन भूमियों का संरक्षण और सीमांकन कर भविष्य में आवश्यकता के अनुसार जनोपयोगी योजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इस तरह सार्वजनिक जमीन को सुरक्षित रखने के साथ रांची के दीर्घकालिक शहरी विकास के लिए भूमि का आधार भी तैयार किया जा रहा है।


