रामगढ़ जिले के भदानीनगर पाली पंचायत के सुद्दी पारगढ़ा गांव में एक ही परिवार के दो भाइयों और उनकी मां की मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और परिजनों व ग्रामीणों से जानकारी जुटाई।
परिजनों के अनुसार साहिल कुमार बेदिया की 29 अगस्त को निजी लैब में जांच हुई थी, जिसमें मलेरिया और टायफाइड बताया गया था। इलाज के बावजूद हालत बिगड़ने पर साहिल और उनके भाई नामकिशुन बेदिया को अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों की मौत हो गई। वहीं, रिम्स में इलाज के दौरान उनकी मां संगीता देवी की भी गुरुवार रात मौत हो गई।
मलेरिया रिपोर्ट पर उठे सवाल
सिविल सर्जन ने कहा कि मलेरिया में आमतौर पर बुखार प्रमुख लक्षण होता है। ऐसे में बिना बुखार के मलेरिया की रिपोर्ट सामने आने से इसकी सत्यता की जांच जरूरी है। मृतकों में उल्टी, बदन दर्द और दस्त जैसे अलग-अलग लक्षण बताए गए हैं।
80 से ज्यादा ग्रामीणों की जांच
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गांव में 80 से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है, लेकिन अब तक किसी में बुखार या मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। निगरानी और जांच आगे भी जारी रहेगी।
निजी लैब और डॉक्टर की भी जांच
स्वास्थ्य विभाग निजी लैब की जांच रिपोर्ट और प्रक्रिया की सत्यता की पड़ताल करेगा। साथ ही इलाज करने वाले डॉक्टर की डिग्री, लाइसेंस और अनुभव की भी जांच की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही तीनों मौतों के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
एक ही परिवार में लगातार तीन मौतों के बाद गांव में भय और चिंता का माहौल है।

