HomeJharkhandJPSC विवाद: पूर्व सदस्य अनिमा हांसदा का आरोप- सवाल उठाने पर खियांग्ते...

JPSC विवाद: पूर्व सदस्य अनिमा हांसदा का आरोप- सवाल उठाने पर खियांग्ते ने पद से हटाने की दी थी धमकी

JPSC विवाद: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) को लेकर जारी विवाद के बीच आयोग की पूर्व सदस्य अनिमा हांसदा ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों पर खुलकर बात की। टीडीपीएल एजेंसी के चयन से लेकर 11वीं और 13वीं सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के रिजल्ट तक उन्होंने अपनी भूमिका पर उठ रहे सवालों पर सफाई दी।

अनिमा हांसदा का दावा है कि टीडीपीएल एजेंसी के चयन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और वह एजेंसी से जुड़े किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानती हैं। उन्होंने कहा कि रिजल्ट में त्रुटियों के बावजूद स्क्रूटनी के लिए दबाव बनाया गया, जिसका उन्होंने विरोध किया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में रिजल्ट में बदलाव को लेकर दबाव बनाया गया था। अनिमा हांसदा के मुताबिक, उन्होंने जेपीएससी में कथित गड़बड़ियों की जानकारी सरकार के स्तर तक पहुंचाने की कोशिश भी की, लेकिन उन्हें अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली।

अपने ऊपर लगे कोचिंग सिंडिकेट और पैसे के लेन-देन से जुड़े आरोपों को उन्होंने पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है।

प्रस्तुत हैं प्रमुख संवाददाता विवेक चंद्र के साथ अनिमा हांसदा की बातचीत के प्रमुख अंश।

सवाल: क्या आपने जेपीएससी में कथित गड़बड़ियों की जानकारी सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की थी?

अनिमा हांसदा: हां। जेपीएससी में हो रही गड़बड़ियों और त्रुटियों के संबंध में मुख्यमंत्री को सूचित करने के लिए मैंने 16 जून 2026 को उनके पीएसओ से संपर्क कर मुलाकात का समय मांगा था। हालांकि, मुख्यमंत्री की व्यस्तता के कारण मुझे मिलने का समय नहीं मिल सका।

सवाल: इसके बाद आपने क्या कदम उठाया?

अनिमा हांसदा: 17 जून 2026 को मैंने उच्च शिक्षा मंत्री, जो मेरे विधायक भी हैं, को फोन कर इस संबंध में जानकारी देने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने इस मामले पर ध्यान नहीं दिया और बात टाल दी।

सवाल: क्या इसके बाद सभी सदस्यों को इस्तीफा देने का निर्देश दिया गया?

अनिमा हांसदा: जब मामला आगे बढ़ा, तो 22 जुलाई 2026 की सुबह 7:12 बजे मंत्री की ओर से सूचना दी गई कि सभी सदस्यों को इस्तीफा देना है। मैंने इसका अनुपालन किया। जबकि जेपीएससी में हुई कथित गड़बड़ियों में मेरी कोई सहभागिता नहीं रही है।

सवाल: अपने ऊपर लगे आरोपों को आप किस नजर से देखती हैं?

अनिमा हांसदा: मेरे ऊपर लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत, बेबुनियाद और मनगढ़ंत हैं। मैंने हमेशा अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने की कोशिश की। जहां मुझे कुछ गलत लगा, वहां मैंने उसका विरोध किया और संबंधित स्तर पर इसकी जानकारी देने का प्रयास किया।

सवाल: टीडीपीएल एजेंसी के चयन में आपकी क्या भूमिका थी?

अनिमा हांसदा: टीडीपीएल एजेंसी का चयन किस तरह किया गया, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैं अभय तिवारी को नहीं जानती हूं। न उनसे कभी मिली हूं और न ही उनसे कोई बातचीत हुई है।

सवाल: आरोप है कि टीडीपीएल के निदेशकों ने जेपीएससी कार्यालय में प्रेजेंटेशन दिया था और उस दौरान सभी सदस्य मौजूद थे। क्या यह सही है?

अनिमा हांसदा: यह बात पूरी तरह असत्य है। मेरी जानकारी के अनुसार टीडीपीएल के दो निदेशकों ने रामवीर सिंह और सत्यपाल बोकारे के सामने जेपीएससी कार्यालय में प्रेजेंटेशन दिया था। लेकिन मैं उस प्रेजेंटेशन में मौजूद नहीं थी। टीडीपीएल के किसी कर्मचारी को भी मैं नहीं जानती हूं। एजेंसी के चयन से संबंधित प्रक्रिया के प्रतिवेदन पर मेरे हस्ताक्षर नहीं हैं और मैंने उनका प्रेजेंटेशन भी नहीं देखा।

सवाल: एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद आपने क्या किया?

अनिमा हांसदा: मैंने एजेंसी के बारे में सवाल किया था। उस समय अध्यक्ष की ओर से मेरे खिलाफ टिप्पणी की जाने लगी, जिसका मैंने विरोध किया। इसके बाद मुझे धमकी दी गई कि मेरे विरोध की शिकायत राज्यपाल से कर मुझे सदस्य पद से हटवा दिया जाएगा। इसकी मौखिक जानकारी मैंने मुख्यमंत्री को भी दी थी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments