रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर निर्वाचन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों में चल रहे SIR कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ERO) और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (AERO) को 22 अक्टूबर 2026 तक ऐसे मतदाताओं की बूथवार सूची तैयार करने का निर्देश दिया, जिनकी दो बार नोटिस सुनवाई होने के बावजूद आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो सके हैं।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, नवंबर के पहले सप्ताह में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) की पांचवीं बैठक आयोजित की जानी है। इस बैठक में संबंधित सूची साझा की जाएगी। साथ ही सूची को संबंधित मतदान केंद्रों पर प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि मतदाताओं को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने में सहायता मिल सके।
22 अक्टूबर तक तैयार होगी बूथवार सूची
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं को दो बार नोटिस देकर सुनवाई का अवसर दिया जा चुका है, लेकिन उनके आवश्यक दस्तावेज अब तक प्राप्त नहीं हुए हैं, उनकी पहचान कर बूथवार सूची तैयार की जाए।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य संबंधित मतदाताओं तक पहुंच बनाना और उन्हें आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में मदद करना है। नवंबर के पहले सप्ताह में होने वाली BLO और BLA-2 की बैठक में सूची साझा कर आगे की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है।
दूसरे राज्य की मतदाता सूची में नाम मिलने पर होगी नियमानुसार कार्रवाई
समीक्षा बैठक में के. रवि कुमार ने कहा कि सत्यापन के दौरान यदि किसी व्यक्ति का नाम किसी अन्य राज्य या विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज पाया जाता है और वह संबंधित मतदान केंद्र की सूची में अपना नाम नहीं रखना चाहता, तो नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर नाम विलोपित करने की कार्रवाई की जाए।
निर्वाचन विभाग ने इस प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन करने और मतदाता सूची से संबंधित मामलों का नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
फॉर्म-6 के आवेदकों की भी बनेगी सूची
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी बूथ लेवल ऑफिसरों (BLO) को अपने रजिस्टर में ऐसे नए और युवा पात्र भारतीय नागरिकों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया, जिन्होंने फॉर्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन किया है, लेकिन घोषणा पत्र के लिए आवश्यक सहायक दस्तावेज उपलब्ध कराने में असमर्थ हैं।
ऐसे आवेदकों से संपर्क कर उन्हें जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने में सहायता देने को कहा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने में मदद के अभाव में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।
ECINET पर डिजिटलीकरण में तेजी लाने का निर्देश
समीक्षा बैठक में फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के आवेदनों के साथ-साथ नोटिस सुनवाई के बाद पारित स्पीकिंग ऑर्डर को ECINET पर डिजिटल रूप से दर्ज करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
के. रवि कुमार ने सभी संबंधित पदाधिकारियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने और SIR से जुड़े सभी कार्यों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कई अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी, ERO और AERO वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
निर्वाचन विभाग की इस पहल के तहत मतदाता सूची के सत्यापन, लंबित दस्तावेजों की पहचान और नए पात्र मतदाताओं के पंजीकरण से संबंधित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

