रांची/कर्नाटक। झारखंड के पर्यटन स्थलों और पर्यटन परिसंपत्तियों के बेहतर संचालन, प्रबंधन एवं रखरखाव को लेकर राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है। पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार के नेतृत्व में झारखंड के अध्ययन दल ने कर्नाटक का भ्रमण कर वहां पर्यटन और वन क्षेत्रों से जुड़ी परिसंपत्तियों के सफल प्रबंधन मॉडल का अध्ययन किया।
अध्ययन भ्रमण के दौरान पर्यटन मंत्री एवं झारखंड के प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खांड्रे और पर्यटन मंत्री के. जे. जॉर्ज के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में कर्नाटक के पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ Jungle Lodges & Resorts (JLR) के प्रबंध निदेशक एवं कार्यकारी निदेशक और कर्नाटक स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक में JLR के सफल प्रबंधन मॉडल को झारखंड में पर्यटन परिसंपत्तियों के संचालन एवं रखरखाव के लिए अपनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। झारखंड सरकार की ओर से JLR को नॉलेज पार्टनर बनाने तथा दोनों राज्यों के बीच संभावित MoU को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
इसके अलावा बैठक में मानव-हाथी संघर्ष जैसी चुनौती के समाधान के लिए कर्नाटक में अपनाए जा रहे उपायों और अनुभवों को समझने पर भी विशेष जोर दिया गया। अध्ययन दल ने पर्यटन विकास के साथ-साथ वन एवं पर्यावरण से जुड़े क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन की संभावनाओं का भी जायजा लिया।
झारखंड सरकार का यह अध्ययन भ्रमण राज्य के पर्यटन स्थलों को बेहतर सुविधाओं, प्रभावी प्रबंधन और आधुनिक संचालन व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

