रांची: झारखंड में सहायक आचार्य नियुक्ति से जुड़े मामले में अभ्यर्थियों की नजर संशोधित रिजल्ट और न्यायालय की अगली सुनवाई पर टिकी है। नियुक्ति प्रक्रिया में नॉर्मलाइजेशन को लेकर विवाद के बीच झारखंड हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई 29 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।
नॉर्मलाइजेशन को लेकर चल रहा विवाद
प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के परिणाम में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाए जाने को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इस प्रक्रिया के इस्तेमाल से उनके परिणाम प्रभावित हुए हैं। वहीं, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने अदालत में नॉर्मलाइजेशन लागू करने के फैसले का बचाव किया है।
इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (BIT) मेसरा को विशेषज्ञ समिति गठित कर नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया का अध्ययन करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अब इस रिपोर्ट और मामले में आगे होने वाली सुनवाई पर अभ्यर्थियों की नजर है।
संशोधित रिजल्ट पर क्या है स्थिति?
सहायक आचार्य भर्ती के संशोधित परिणाम को लेकर इससे पहले सुप्रीम कोर्ट का भी महत्वपूर्ण आदेश सामने आया था। सितंबर 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने संशोधित परिणाम रद्द करते हुए चार सप्ताह के भीतर नया परिणाम जारी करने का निर्देश दिया था।
ऐसे में अभ्यर्थियों को नए परिणाम का इंतजार है। हालांकि, संशोधित रिजल्ट जारी होने की निश्चित तारीख की आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी तारीख को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए।
29 अक्टूबर की सुनवाई क्यों है अहम?
नॉर्मलाइजेशन से जुड़े मामले में 29 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरान मामले की आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकती है। अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे JSSC की आधिकारिक सूचनाओं और न्यायालय के आदेशों पर नजर बनाए रखें।
नोट: 29 अक्टूबर की सुनवाई नॉर्मलाइजेशन विवाद से संबंधित है। इसे नए रिजल्ट की निश्चित घोषणा की तारीख न समझें।

