रांची: झारखंड में 108 एम्बुलेंस कर्मचारी अपनी लंबित मांगों और अधिकारों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर सोमवार को रांची सदर अस्पताल सहित राज्यभर में कर्मचारियों ने भिक्षाटन कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम के जरिए कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करने की कोशिश की।
संघ का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण आंदोलन को आगे बढ़ाना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर निर्णय लेकर उन्हें लागू नहीं किया जाता, तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
जिला स्तर पर 108 एम्बुलेंस सेवा संचालन की मांग
झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ की प्रमुख मांग है कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से कराया जाए। संघ का मानना है कि इससे सेवा के संचालन और कर्मचारियों से जुड़े मामलों में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।
इसके अलावा, आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने बर्खास्त कर्मियों की पुनर्बहाली और सभी श्रमिक एवं वैधानिक अधिकारों को लागू करने की मांग भी उठाई है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द किया जाना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री की बैठक के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
संघ के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए 15 से 20 दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, संघ का दावा है कि निर्धारित अवधि बीतने के बावजूद मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
कर्मचारियों का कहना है कि आश्वासन के बाद भी समाधान नहीं होने से उनमें नाराजगी बढ़ी है। इसी वजह से संघ ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का फैसला किया।
भिक्षाटन के जरिए सरकार तक पहुंचाई जा रहीं मांगें
आंदोलन के सातवें दिन कर्मचारियों ने भिक्षाटन कार्यक्रम के माध्यम से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। संघ का कहना है कि यह कार्यक्रम कर्मचारियों की समस्याओं और लंबित मांगों की ओर सरकार का ध्यान खींचने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ ने सरकार से मांगों पर तत्काल विचार कर उन्हें लागू करने की अपील की है। संघ ने कहा है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता और उसका क्रियान्वयन नहीं होता, तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
अब देखना होगा कि राज्य सरकार 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है और आंदोलन को समाप्त कराने के लिए कोई ठोस पहल होती है या नहीं।

