सरायकेला-खरसावां: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में अवैध बालू खनन और ओवरलोड परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है। तिरुलडीह थाना क्षेत्र के आदरडीह स्थित SM Steel परिसर और उसके आसपास छापेमारी कर बालू लदे छह हाइवा ट्रकों को जब्त किया गया। यह कार्रवाई नीमडीह के अंचल अधिकारी अभय द्विवेदी के नेतृत्व में की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बालू के अवैध कारोबार और ओवरलोड परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
गश्ती के दौरान मिले बालू लदे छह हाइवा
अंचल अधिकारी कार्यालय, नीमडीह की ओर से जिला खनन पदाधिकारी को भेजे गए पत्र के अनुसार, गश्ती के दौरान आदरडीह स्थित SM Steel परिसर के पास बालू लदे वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान छह हाइवा ट्रकों में निर्धारित मात्रा से अधिक बालू लदे होने की बात सामने आई।
प्रशासन के मुताबिक, प्रत्येक वाहन में लगभग 700 CFT बालू लदा हुआ था। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों की टीम को देखते ही सभी छह हाइवा के चालक मौके से फरार हो गए। इसके बाद प्रशासन ने नियमानुसार वाहनों को जब्त कर लिया।
सुरक्षा गार्ड की निगरानी में रखे गए वाहन
चालकों के मौके से फरार होने के बाद जब्त किए गए छह हाइवा को SM Steel परिसर के सुरक्षा गार्ड की अभिरक्षा में रखा गया। इसके बाद वाहनों को नीमडीह थाना प्रभारी के सुपुर्द कर दिया गया। सुरक्षा गार्ड से प्राप्ति रसीद भी ली गई।
प्रशासन ने मामले को आगे की कार्रवाई के लिए थाना को हस्तांतरित कर दिया है। अब संबंधित विभाग की जांच में बालू के स्रोत, परिवहन से जुड़े दस्तावेज और अन्य पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
300 CFT के चालान पर 700 से 800 CFT बालू ढोने का आरोप
अंचल अधिकारी अभय द्विवेदी ने ओवरलोडिंग को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि निर्धारित मात्रा से अधिक बालू का परिवहन कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि 300 CFT के चालान पर 700 से 800 CFT तक बालू ले जाने की शिकायत सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
जब्त किए गए हाइवा के नंबर
प्रशासन की कार्रवाई में जब्त वाहनों के नंबर इस प्रकार हैं:
- BR08G5632
- CG12S6101
- JH16A9226
- JH02AE2434
- JH01AX4189
- JH02AK2631
बालू ढुलाई से ग्रामीण परेशान, कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, इलाके में दिन-रात बड़ी संख्या में डंपर और हाइवा से बालू की ढुलाई की जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही से भी लोगों को परेशानी होती है।
ग्रामीणों की चिंता उस समय और बढ़ गई, जब एक दिन पहले कुकड़ू-चौकेगड़िया चौक के पास हुए सड़क हादसे में छोटा लापांग के वार्ड सदस्य मनोरंजन महतो की मौत हो गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर बालू ढुलाई पर रोक लगाने की मांग की थी।
हालांकि, सड़क हादसे और जब्त किए गए हाइवा के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
अब खनन विभाग की जांच पर नजर
फिलहाल अंचल कार्यालय की ओर से मामले की जानकारी जिला खनन पदाधिकारी को भेज दी गई है। आगे की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बालू किस घाट से लाया गया था, वाहनों के पास वैध चालान थे या नहीं और परिवहन में किन लोगों की भूमिका थी।
जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में खनन विभाग की जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।

