रांची:-झारखंड में वर्ष 2016 से चल रहे स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति विवाद में 13 अक्टूबर को झारखंड हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। मीना कुमारी एवं अन्य अभ्यर्थियों से जुड़े मामले में राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से दायर करीब 100 अपील याचिकाएं सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ करेगी।
एकल पीठ के आदेश को दी गई है चुनौती
राज्य सरकार और JSSC की ओर से इन अपीलों के जरिए एकल पीठ के आदेशों को चुनौती दी गई है। पिछली सुनवाई के दौरान सरकार और आयोग की ओर से अदालत को बताया गया था कि इसी मामले से जुड़े कई अन्य अपील प्रकरण भी लंबित हैं और उनमें समान मुद्दे उठाए गए हैं। इसके बाद खंडपीठ ने संबंधित सभी अपीलों की सूची अदालत में पेश करने का निर्देश दिया था।
1 सितंबर को 258 याचिकाओं पर आया था फैसला
इस मामले में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 1 सितंबर को मीना कुमारी समेत 258 याचिकाओं पर फैसला सुनाया था। शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े विवाद की जांच के लिए वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन गठित करने का निर्देश दिया गया था। शुरुआत में सेवानिवृत्त जस्टिस डॉ. एसएन पाठक को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उनके असमर्थता जताने के बाद सेवानिवृत्त जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को कमीशन का अध्यक्ष बनाया गया।
संशोधित मेरिट लिस्ट और नियुक्तियों की जांच
फैक्ट फाइंडिंग कमीशन को सुप्रीम कोर्ट के 2 अगस्त 2022 के फैसले के बाद JSSC द्वारा तैयार संशोधित मेरिट लिस्ट और उसके आधार पर हुई नियुक्तियों की प्रक्रिया की जांच करनी है। इसके अलावा कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति, रिक्त पदों को बाद में भरने की प्रक्रिया और ऐसे अभ्यर्थियों के मामलों की भी जांच की जा रही है, जिनकी उम्मीदवारी पहले खारिज की गई थी लेकिन बाद में उन्हें नियुक्ति मिली।
अभ्यर्थियों की नजर 13 अक्टूबर की सुनवाई पर
शिक्षक नियुक्ति विवाद लंबे समय से अदालत में चल रहा है। अब 13 अक्टूबर को सरकार और JSSC की करीब 100 अपीलों पर होने वाली सुनवाई को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, फैक्ट फाइंडिंग कमीशन की जांच के परिणाम और उसके सामने पेश किए जा रहे नियुक्ति संबंधी रिकॉर्ड पर भी अभ्यर्थियों की नजर बनी हुई है।

