रांची:- “मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता सूची 2026” विषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन एनयूएसआरएल, रांची में तीन व्याख्यान कक्षों में समानांतर रूप से विभिन्न अकादमिक एवं तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में देश-विदेश में मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची, तकनीक, कानूनी ढांचे, लैंगिक एवं प्रवासी मुद्दों और वैश्विक सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर विशेषज्ञों ने चर्चा की।
व्याख्यान कक्ष-1 में सत्र-7 की पैनल चर्चा में “मतदाता पंजीकरण: विश्व के विभिन्न देशों के विविध पहलू” विषय पर बेंगलुरु विश्वविद्यालय के प्रो. सुरेंद्र कुमार ने अध्यक्षता की, जबकि आईआईएम रांची की डॉ. शुभ्रा रजत सह-अध्यक्ष रहीं। वहीं तकनीकी सत्र-10 में “मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता सूची–कानूनी ढांचा” विषय पर दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रो. रेखा सक्सेना ने अध्यक्षता की और झारखंड के पूर्व उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी-सह-एनएलएमटी श्री देवदास दत्ता सह-अध्यक्ष रहे।
व्याख्यान कक्ष-2 में तकनीकी सत्र-8 के दौरान “मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता सूची: प्रौद्योगिकी के साथ बढ़ता समन्वय” विषय पर केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखण्ड की डॉ. अपर्णा ने अध्यक्षता की, जबकि आईटीएम विश्वविद्यालय रायपुर की डॉ. दीपश्री चौहान सह-अध्यक्ष रहीं। तकनीकी सत्र-11 में “मतदाता पंजीकरण: विश्व के विभिन्न देशों के अनुभव” विषय पर प्रो. ए.के. वर्मा ने अध्यक्षता की और डॉ. कौशिकी परिहार ने सह-अध्यक्ष की भूमिका निभाई।
व्याख्यान कक्ष-3 में तकनीकी सत्र-9 का विषय “मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता सूची: लैंगिक एवं प्रवासी मुद्दे” रहा। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखण्ड के प्रो. आलोक कुमार गुप्ता ने की, जबकि पटना वीमेंस कॉलेज की श्रीमती माधुरी कुमार सह-अध्यक्ष रहीं। तकनीकी सत्र-12 में “मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता सूची: वैश्विक सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां” विषय पर सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची के डॉ. आशुतोष कुमार पांडेय ने अध्यक्षता की और झारखण्ड के उप निर्वाचन पदाधिकारी (मुख्यालय) डॉ. धीरज कुमार ठाकुर सह-अध्यक्ष रहे।
सम्मेलन के इन सत्रों में कानून, तकनीक, वैश्विक अनुभव, लैंगिक समानता, प्रवासी मतदाताओं और बेहतर मतदाता पंजीकरण व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।

