रांची: झारखंड की राजधानी रांची में चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर 2026 के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने की सूचना दी है। इसके मद्देनजर 28 से 30 अक्टूबर तक लगातार बारिश होने की संभावना जताई गई है। संभावित खराब मौसम और जलजमाव के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन को सतर्क रहने तथा जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
निचले इलाकों में जलजमाव का खतरा
लगातार बारिश होने पर रांची के निचले इलाकों, सड़कों और जलजमाव वाले क्षेत्रों में स्थिति बिगड़ सकती है। कच्चे मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों और कमजोर भवनों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं, नदियों और बड़े नालों का जलस्तर बढ़ने से निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
खेतों में पानी जमा होने से खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। ऐसे में प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट रहने और हालात पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
सभी संबंधित विभागों को निगरानी के निर्देश
संभावित बारिश को देखते हुए आपदा प्रबंधन, राजस्व, नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत और जल संसाधन समेत संबंधित विभागों को 28 से 30 अक्टूबर तक सतर्क रहने को कहा गया है।
प्रशासन को निचले इलाकों, जलजमाव की आशंका वाले क्षेत्रों, नदियों और बड़े नालों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निकायों को सड़कों और नालियों की सफाई के साथ जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया है।
कच्चे मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों और कमजोर संरचनाओं वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
किसानों को सतर्क रहने की सलाह
लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग और संबंधित अधिकारियों को किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी सलाह देने के निर्देश दिए गए हैं। खेतों में जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक उपाय करने की अपील की गई है।
आम लोगों के लिए जारी की गईं सावधानियां
जिला प्रशासन ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
- अनावश्यक बाहर न निकलें: तेज बारिश और आंधी के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें।
- वज्रपात से बचें: गरज-चमक होने पर खुले मैदान में न रहें और किसी पक्के भवन में शरण लें।
- पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें: तेज हवाओं के दौरान इनके गिरने का खतरा हो सकता है। इनके नीचे वाहन पार्क न करें।
- जलजमाव वाले रास्तों से बचें: पानी भरी सड़कों पर पैदल चलने या वाहन ले जाने से बचें।
- बिजली के उपकरणों में सावधानी बरतें: आंधी-तूफान के दौरान विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल सावधानी से करें और जरूरत पड़ने पर बिजली का कनेक्शन सुरक्षित तरीके से बंद करें।
- नदियों और नालों के पास न जाएं: जलस्तर बढ़ने की स्थिति में इन क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
- कमजोर मकानों में रहने वाले परिवार सतर्क रहें: जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन के निर्देशानुसार सुरक्षित स्थान पर जाएं।
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन, पुलिस या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन के अनुसार, मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और आवश्यकता के अनुसार आगे के निर्देश जारी किए जाएंगे।

