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धनबाद पहुंचे कांग्रेस पर्यवेक्षक डॉ. शिवकुमार डहरिया, 1 नवंबर की दिल्ली रैली को सफल बनाने की तैयारी तेज

धनबाद: झारखंड के धनबाद में मंगलवार को कांग्रेस संगठन की गतिविधियों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर हलचल तेज रही। कांग्रेस के पर्यवेक्षक और छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया धनबाद पहुंचे, जहां सर्किट हाउस में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने जिले भर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक कर संगठन की गतिविधियों का जायजा लिया और आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा की। बैठक में मुख्य रूप से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली को सफल बनाने पर जोर दिया गया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ संगठन की गतिविधियों की समीक्षा

धनबाद पहुंचने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष सिंह समेत अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डॉ. शिवकुमार डहरिया का स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर जिले में संगठन की स्थिति, पार्टी की गतिविधियों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की।

बैठक में कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत बनाने और पार्टी के कार्यक्रमों को आम लोगों तक पहुंचाने की अपील की गई। साथ ही, दिल्ली में होने वाली प्रस्तावित रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।

1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होगी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली

बैठक के बाद डॉ. शिवकुमार डहरिया ने बताया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली आयोजित करने की तैयारी है।

उन्होंने कहा कि इस रैली में देशभर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। डॉ. डहरिया के अनुसार, पार्टी इस कार्यक्रम के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था और मताधिकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।

भाजपा सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर लगाए आरोप

डॉ. शिवकुमार डहरिया ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बीच कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इसके जरिए विभिन्न राज्यों में सरकारें बनाई गई हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय बताया।

हालांकि, ये आरोप कांग्रेस पर्यवेक्षक ने अपने राजनीतिक बयान में लगाए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

धनबाद दौरे का उद्देश्य रैली की तैयारियों की समीक्षा

डॉ. डहरिया ने कहा कि उनके धनबाद दौरे का मुख्य उद्देश्य ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन और दिल्ली में आयोजित होने वाली रैली की तैयारियों की समीक्षा करना है। उन्होंने स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने तथा अभियान को सफल बनाने की अपील की।

उन्होंने उम्मीद जताई कि देश की जनता लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के मुद्दे पर एकजुट होगी। साथ ही, उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस के राजनीतिक अभियान को मजबूत बनाने की बात कही।

कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने की अपील

समीक्षा बैठक के जरिए कांग्रेस ने धनबाद में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और आगामी रैली के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का प्रयास किया। अब पार्टी की स्थानीय इकाई की प्राथमिकता दिल्ली में होने वाली रैली को लेकर जनसंपर्क और कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाना है।

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