रांची:– UFBU के आह्वान पर आयोजित राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय बैंक हड़ताल का कैनरा बैंक परिसर में जोरदार असर देखने को मिला। बैंकिंग कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द समाधान की मांग की।
हड़ताल का नेतृत्व CBOA के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेष त्रिपाठी एवं CBEU के शीर्ष नेता मनीष कुमार सिंह ने किया। आंदोलन में 250 से अधिक बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने हिस्सा लिया और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने विशेष रूप से Performance Linked Incentive (PLI) में कथित भेदभाव का मुद्दा उठाया। कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में Scale-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए 365 दिनों के PLI की व्यवस्था है, जबकि बड़ी संख्या में अन्य कर्मचारियों को महज 15 दिनों के PLI तक सीमित रखा गया है। कर्मचारियों ने इसे असमान और भेदभावपूर्ण व्यवस्था बताते हुए सभी वर्गों के लिए न्यायसंगत PLI की मांग की।
कर्मचारियों का कहना है कि बैंक की सफलता में अधिकारियों से लेकर अन्य सभी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में प्रोत्साहन की व्यवस्था भी पारदर्शी, समान और योगदान के अनुरूप होनी चाहिए।
इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। कर्मचारियों के मुताबिक यह मांग लंबे समय से लंबित है और वर्ष 2024 से इसे लागू करने की मांग की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से इस दिशा में जल्द निर्णय लेने की अपील की।
हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए स्पष्ट किया कि उनकी जायज मांगों को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। बैंक कर्मचारियों ने PLI की असमानता दूर करने और पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने का संदेश दिया।


