बाघमारा, धनबाद | धनबाद जिले के बाघमारा में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर यूथ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को बीसीसीएल के कुसुंडा एरिया-6 स्थित ईस्ट बसुरिया कोलियरी में संचालित सत्यम इंफ्रा आउटसोर्सिंग कंपनी के खिलाफ चक्का जाम आंदोलन किया गया। धनबाद जिला यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष विशाल महतो के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलनकारियों ने स्थानीय युवाओं को रोजगार देने, प्रदूषण पर रोक लगाने और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर पहल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
यूथ कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष विशाल महतो ने बताया कि सत्यम इंफ्रा आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रबंधन के समक्ष पांच सूत्री मांगें रखी गई थीं। लेकिन, उनके अनुसार, प्रबंधन की ओर से मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं की गई। इसके बाद संगठन को चक्का जाम आंदोलन करने का निर्णय लेना पड़ा।
विशाल महतो ने आरोप लगाया कि कंपनी में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं, जबकि बाहरी लोगों को काम पर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार से वंचित रखना स्थानीय लोगों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कोयला उत्पादन के दौरान नियमों के पालन और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर भी सवाल उठाए।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि कोलियरी क्षेत्र में धूल का गुबार उड़ने से आसपास के लोगों को परेशानी होती है। इसके साथ ही कंपनी में काम करने वाले श्रमिकों को सुरक्षा के लिए जरूरी हेलमेट, जूते और जैकेट जैसे उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाने का भी आरोप लगाया गया। विशाल महतो ने इन समस्याओं के लिए बीसीसीएल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी उठाई आवाज
आंदोलन के दौरान स्थानीय ग्रामीण अनिल यादव ने भी कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी पिछले चार महीने से क्षेत्र में काम कर रही है, लेकिन स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने हैवी ब्लास्टिंग के कारण पत्थर उड़कर घरों में गिरने की समस्या भी उठाई और इस पर आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
सत्यम इंफ्रा आउटसोर्सिंग कंपनी के समक्ष प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की। आंदोलनकारियों ने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार, प्रदूषण से राहत और श्रमिकों की सुरक्षा जैसे मुद्दों का समाधान होना चाहिए।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आंदोलन के दौरान सत्यम इंफ्रा प्रबंधन की ओर से वार्ता के लिए कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा था। अब देखना होगा कि कंपनी प्रबंधन और बीसीसीएल प्रशासन इन मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।

