रांची: राजधानी रांची के कचहरी रोड स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। करीब 17 दिनों तक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के बाद मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मियों को हटाया गया, तो अज्ञात लोगों ने स्टेडियम का मुख्य गेट उखाड़कर बगल में फेंक दिया। इसके बाद परिसर में लोगों की आवाजाही फिर शुरू हो गई। घटना के बाद रांची नगर निगम ने प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
दरअसल, जेपीएससी और जेएसएससी के विरोध में छात्रों के धरना-प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। 6 अक्टूबर की देर शाम विवाद बढ़ने के बाद रांची नगर निगम ने स्टेडियम के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर उसे सील कर दिया था। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए यहां मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
बताया गया कि स्टेडियम की सुरक्षा में करीब 20 पुलिसकर्मी तैनात थे, जिनमें 10 महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। लगभग 17 दिनों तक सुरक्षा व्यवस्था रहने के बाद पुलिसकर्मियों को हटा लिया गया। इसके बाद गुरुवार की रात स्टेडियम का मुख्य गेट उखाड़कर बगल में फेंकने की घटना सामने आई। घटना ने सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिजली के खुले तार से हादसे का खतरा
रांची नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, स्टेडियम परिसर में बिजली और लाइट से संबंधित कार्य कराया जाना है। परिसर के कुछ हिस्सों में बिजली के तार खुले होने के कारण करंट लगने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के लोगों का परिसर में प्रवेश करना दुर्घटना का कारण बन सकता है।
घटना के बाद नगर निगम ने प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि मुख्य गेट को किसने उखाड़ा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में कौन-कौन शामिल था।
फिलहाल, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था और मामले में आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

