झारखंड के गढ़वा जिले में बालू के अवैध भंडारण का मामला सामने आया है। धुरकी प्रखंड के माछपानी जंगल में जिला टास्क फोर्स ने छापेमारी कर एक हजार टिपर से अधिक बालू जब्त किए जाने की जानकारी दी है। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त बालू की अनुमानित बाजार कीमत करीब एक करोड़ रुपये है।
जिलाधिकारी पीएन मिश्रा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के दौरान टीम को दुर्गम रास्तों के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। आरोप है कि बालू भंडारण स्थल तक जाने वाले रास्ते को जेसीबी से काटकर बाधित किया गया था। इसके बावजूद अधिकारियों ने मोटरसाइकिल से मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
बताया जा रहा है कि कनहर नदी के किनारे जंगल में बड़े पैमाने पर बालू जमा की गई थी। वन विभाग ने इस इलाके में हाथियों के विचरण को लेकर बोर्ड भी लगा रखा है। अब जांच की जा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में बालू किसने जमा की और इस कारोबार में किन लोगों की भूमिका है।
श्रीबंशीधर नगर के एसडीएम प्रभाकर मिर्घा और जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर छापेमारी दल का गठन किया गया था। इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
अवैध खनन से सरकार को करीब 50 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का दावा भी किया जा रहा है, हालांकि इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

