कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया स्थित ग्रीन पार्क क्लिनिक में ऑपरेशन के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मृतका की पहचान डोमचांच थाना क्षेत्र के रुपनडीह निवासी विक्की साव की 22 वर्षीय पत्नी रिद्धि कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, सदर अस्पताल के कुछ कर्मियों पर दलाली के चक्कर में महिला को निजी क्लिनिक भेजने का गंभीर आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरे बच्चे के जन्म के लिए क्लिनिक में कराया गया था भर्ती
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, रिद्धि कुमारी को दूसरे बच्चे के जन्म के लिए झुमरी तिलैया स्थित ग्रीन पार्क क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि सुबह करीब आठ बजे उसका ऑपरेशन किया गया। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद क्लिनिक की ओर से उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया।
परिजन महिला को लेकर रांची जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। इसके बाद परिजन शव को वापस क्लिनिक लेकर पहुंचे, जहां देर रात जमकर हंगामा हुआ।
दो साल की बेटी के सिर से उठा मां का साया
इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि रिद्धि कुमारी की पहले से दो साल की एक बेटी है। मां की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने इलाज की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
सदर अस्पताल के कर्मियों पर दलाली का आरोप
मामले में मृतका के परिजनों ने सदर अस्पताल, कोडरमा के कुछ कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि कथित तौर पर दलाली के चक्कर में महिला को सदर अस्पताल से निजी क्लिनिक में इलाज के लिए भेजा गया था। परिजनों ने सवाल उठाया कि महिला को निजी क्लिनिक में भर्ती कराने की परिस्थितियों और वहां किए गए इलाज की जांच होनी चाहिए।
परिजनों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि जांच में किसी स्वास्थ्यकर्मी, चिकित्सक या क्लिनिक प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
हालांकि, सदर अस्पताल के कर्मियों पर लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि महिला को निजी क्लिनिक में भर्ती कराने की पूरी प्रक्रिया क्या थी और उसकी स्थिति बिगड़ने के बाद रेफर करने में किन परिस्थितियों की भूमिका रही।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगा मौत का कारण
गर्भवती महिला की मौत के बाद निजी क्लिनिक में इलाज की व्यवस्था और रेफर करने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में क्लिनिक प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण है। साथ ही, इलाज से संबंधित दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
फिलहाल, परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। अब स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
बाइट:
- विक्की साव, मृतका के पति
- सुजीत राम, ग्रामीण
- संबंधित पुलिस अधिकारी, सब-इंस्पेक्टर

