चंदनकियारी स्थित एसएनए छऊ केंद्र में सरायकेला छऊ संगीत कार्यशाला के दूसरे दिन छऊ चौपाल कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन बोकारो जिला खेल पदाधिकारी कुमारी हेमलता बुन जी ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह आयोजन एसएनए छऊ केंद्र, चंदनकियारी एवं पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान छऊ संगीत और नृत्य की समृद्ध परंपरा, उसके संरक्षण तथा वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की गई। छऊ चौपाल के प्रथम दिवस देश की तीन प्रमुख छऊ शैलियों सरायकेला, मयूरभंज और पुरुलिया की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।
सरायकेला छऊ के गुरु सुकांत आचार्या, मयूरभंज छऊ, ओडिशा के शिव चरण मोहन्ता तथा पुरुलिया छऊ, पश्चिम बंगाल के गौहाली कुमार ने अपनी-अपनी विशिष्ट प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। तीनों शैलियों की प्रस्तुतियों ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत की विविधता और समृद्ध परंपरा को एक ही मंच पर जीवंत कर दिया।
आयोजकों के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य छऊ की तीनों प्रमुख शैलियों के कलाकारों और कला साधकों को एक मंच पर लाना तथा इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में एसएनए छऊ केंद्र, चंदनकियारी के केंद्र समन्वयक डॉ. संजय कुमार चौधरी तथा संगीत नाटक अकादेमी के प्रतिनिधि प्रवीण कुमार दुरेजा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


