रांची:– विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) को लेकर झारखंड में राजनीतिक विरोध तेज होता जा रहा है। मंगलवार, 29 सितंबर को सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) यानी SUCI(C) की झारखंड राज्य सांगठनिक कमिटी ने राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR की प्रक्रिया रद्द करने समेत तीन प्रमुख मांगें रखीं।
SUCI(C) ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा एकतरफा तरीके से फैसले लिए जा रहे हैं और इससे आयोग की स्वायत्तता व निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पार्टी ने इन दावों के समर्थन में हालिया मीडिया रिपोर्टों का भी हवाला दिया। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज और SIR को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की खबर भी सामने आई है।
पार्टी ने दावा किया कि झारखंड में SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। SUCI(C) का आरोप है कि कई मामलों में छोटी मानवीय त्रुटियों को आधार बनाया गया है और इससे आदिवासी, मूलवासी, दलित, वंचित, भूमिहीन, महिलाएं और अन्य मतदाता प्रभावित हो रहे हैं। इन आंकड़ों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि पार्टी के ज्ञापन के अलावा उपलब्ध स्रोतों से इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
SUCI(C) ने ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखीं—
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाया जाए।
- SIR की पूरी प्रक्रिया रद्द की जाए।
- SIR के तहत मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल किया जाए।
पार्टी ने यह भी मांग की कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान जिला स्तर के चुनाव पदाधिकारी मतदाताओं के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाएं और पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। साथ ही धार्मिक और जातीय आधार पर किसी भी तरह के भेदभाव को रोकने की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने के बाद SUCI(C) कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी जलाया। पुतला दहन पार्टी के वरिष्ठ सदस्य कामरेड विमल दास ने किया, जबकि सभा का संचालन कार्यालय सचिव कामरेड सुमित राय ने किया। कार्यक्रम को पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया।
गौरतलब है कि झारखंड में SIR को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से आपत्तियां और विरोध दर्ज कराया जा रहा है। इससे पहले वाम दलों ने भी SIR रोकने और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर राज्यव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की थी।


