सरायकेला-खरसावां के नीमडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात लैब टेक्नीशियन सुनील कुमार राम पर तीन गर्भवती महिलाओं ने जांच के नाम पर अवैध वसूली और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवारों का दावा है कि टेक्नीशियन ने जांच नहीं कराने पर गर्भ में पल रहे बच्चे को लेकर डराया-धमकाया और पैसे की मांग की।
एक पीड़िता मंजूषा महतो ने आरोप लगाया कि अगस्त 2025 में गर्भावस्था की जांच के दौरान उनसे पैसे लिए गए और कहा गया कि बार-बार जांच नहीं कराने पर बच्चा अधूरा पैदा हो सकता है। वहीं दूसरी पीड़िता मनी गोप ने आरोप लगाया कि 3 सितंबर 2026 को रक्त जांच के नाम पर उनसे 500 रुपये लिए गए और गंभीर परिणामों का डर दिखाया गया।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, जांच के बाद HIV रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर वे CHC प्रभारी के पास पहुंचीं। इसके बाद जमशेदपुर के MGM अस्पताल में दोबारा जांच कराने पर रिपोर्ट निगेटिव आने का दावा किया गया, जिसके बाद परिवार को राहत मिली।
पीड़ित परिवारों ने मामले की शिकायत BDO, प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद, सिविल सर्जन, उपायुक्त और ईचागढ़ विधायक तक की है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी लैब टेक्नीशियन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित लैब टेक्नीशियन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।


