रांची:- झारखंड में सड़क हादसों की गंभीरता को लेकर सामने आए आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता के मामले में झारखंड देश में तीसरे स्थान पर है। यह स्थिति राज्य में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े करती है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की Road Accidents in India 2023 रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में झारखंड में सड़क हादसों की गंभीरता का सूचकांक 78.5 रहा। इस मामले में मिजोरम 90.6 के साथ पहले और बिहार 80.6 के साथ दूसरे स्थान पर था। झारखंड का तीसरा स्थान रहा। यहां सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता का मतलब प्रति 100 हादसों पर होने वाली मौतों की संख्या से है।
रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, झारखंड में सड़क हादसों की गंभीरता का सूचकांक वर्ष 2020 में 69.1 था, जो 2021 में बढ़कर 74.3 और 2022 में 75.3 हो गया। वर्ष 2023 में यह बढ़कर 78.5 पहुंच गया। लगातार बढ़ते इन आंकड़ों ने राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सड़क हादसों की गंभीरता कम करने के लिए यातायात नियमों का पालन, तेज रफ्तार पर नियंत्रण, सुरक्षित सड़क व्यवस्था और दुर्घटना के बाद समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। हालांकि, तीसरे स्थान का यह आंकड़ा वर्ष 2023 का है, इसे मौजूदा वर्ष की रैंकिंग नहीं माना जाना चाहिए।


