रांची: जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। जिला समाज कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रांची जिले में संचालित एक तिहाई से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र आज भी किराये के भवनों में चल रहे हैं।
जिले में कुल 2,837 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें से 1,820 केंद्र सरकारी भवनों में संचालित किए जा रहे हैं, जबकि 1,017 केंद्र किराये के भवनों में चल रहे हैं। यानी बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अभी अपना सरकारी भवन उपलब्ध नहीं है।
🏗️ 267 केंद्रों के निर्माण के लिए चिह्नित हुई थी जमीन
समाज कल्याण विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, मनरेगा अभिसरण के तहत वर्ष 2016 से 2020 के बीच रांची जिले के 18 प्रखंडों में नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए दो चरणों में कुल 267 स्थलों को चिह्नित किया गया था। इनमें फेज-1 के तहत 130 और फेज-2 के तहत 137 स्थल शामिल थे।
इनमें से 188 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 79 केंद्रों का निर्माण कार्य अभी जारी है।
निर्माण की प्रगति की बात करें तो राहे प्रखंड में 110 प्रतिशत, जबकि खलारी, बुंडू, बुढ़मू, चान्हो और ओरमांझी में 100 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई है। अनगड़ा और नगड़ी में 83 प्रतिशत, सोनाहातू में 78 प्रतिशत, नामकुम में 73 प्रतिशत और मांडर में 70 प्रतिशत निर्माण पूरा हुआ है।
वहीं कांके में 67 प्रतिशत, तमाड़ में 65 प्रतिशत, सिल्ली में 64 प्रतिशत, रातू में 59 प्रतिशत, बेड़ो में 52 प्रतिशत और ईटकी में 50 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है।
📌 2025-26 में 200 केंद्रों को मिली स्वीकृति
वित्तीय वर्ष 2025-26 में मनरेगा अभिसरण के तहत रांची जिले में 200 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इनमें से 120 केंद्रों के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है, जबकि शेष 80 केंद्रों के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के अपने भवन नहीं होने से बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और केंद्रों के संचालन को लेकर भी सवाल उठते हैं। अब देखना होगा कि शेष स्वीकृत केंद्रों के निर्माण की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और किराये के भवनों में संचालित केंद्रों को कब तक स्थायी सरकारी भवन उपलब्ध हो पाता है।

