बोकारो: सरकारी विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मध्यान भोजन यानी मिड डे मील को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। चास नगर निगम क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय कमलडीह में 11 अगस्त से मध्यान भोजन बंद होने की सूचना स्कूल के बोर्ड पर दर्ज है। इसके चलते बच्चों को स्कूल से घर जाकर खाना खाने की मजबूरी हो रही है।
स्कूल में की गई पड़ताल में मिड डे मील बंद होने की जानकारी सामने आई। बच्चों ने भी बताया कि उन्हें स्कूल में भोजन नहीं मिल रहा है।
हालांकि, बोकारो के जिला शिक्षा अधीक्षक अतुल चौबे ने मिड डे मील बंद होने की बात से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि जिले के सभी विद्यालयों को मिड डे मील के लिए राशि उपलब्ध करा दी गई है।
ऐसे में स्कूल में लगी सूचना और शिक्षा विभाग के दावे में विरोधाभास नजर आ रहा है। सवाल यह है कि अगर विद्यालयों को राशि उपलब्ध करा दी गई है, तो कमलडीह स्कूल में बच्चों को मध्यान भोजन क्यों नहीं मिल रहा?
अब विभाग और विद्यालय प्रबंधन के दावों के बीच सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि बच्चों के भोजन का अधिकार आखिर क्यों प्रभावित हो रहा है?

