रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े कथित धांधली मामले में सोमवार को पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर अदालत में सुनवाई हुई। मामले की जांच कर रही CID ने सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष करीब 1000 पन्नों की केस डायरी पेश की है।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने केस से जुड़े दस्तावेज, जांच की प्रगति और आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों से संबंधित जानकारी अदालत के सामने रखी। CID की ओर से प्रस्तुत केस डायरी में मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और विभिन्न स्तरों पर की गई कार्रवाई का विवरण शामिल बताया गया है।
मामला JPSC परीक्षा में कथित अनियमितता और धांधली से जुड़ा है। जांच एजेंसी इस मामले में आरोपियों की भूमिका, परीक्षा प्रक्रिया में संभावित गड़बड़ी और इससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
पांच आरोपियों ने मांगी है जमानत
मामले में आरोपी बनाए गए पांच लोगों की ओर से अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई है। इसी याचिका पर सुनवाई के दौरान CID ने विस्तृत केस डायरी अदालत में सौंपी। अब अदालत केस डायरी और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर जमानत याचिकाओं पर फैसला करेगी।
CID की जांच पर टिकी नजर
करीब 1000 पन्नों की केस डायरी अदालत में सौंपे जाने के बाद इस मामले में जांच की दिशा और आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अदालत केस डायरी में दर्ज तथ्यों का अवलोकन करने के बाद यह तय करेगी कि आरोपियों को जमानत दी जाए या नहीं।
फिलहाल इस मामले में अदालत के फैसले का इंतजार है। जमानत पर अगली सुनवाई में केस डायरी में सामने आए तथ्यों और आरोपियों की ओर से रखी गई दलीलों पर विशेष रूप से गौर किया जाएगा।


