बीआईटी मेसरा में FRSM 2026 का 30वां अंतर्राष्ट्रीय सिम्पोजियम संपन्न, स्पीच-म्यूजिक और AI तकनीक पर हुआ मंथन

रांची, 22 अगस्त 2026: बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा (बीआईटी मेसरा) में आयोजित ‘फ्रंटियर्स ऑफ रिसर्च इन स्पीच एंड म्यूजिक’ (FRSM 2026) का 30वां अंतर्राष्ट्रीय सिम्पोजियम शनिवार को संपन्न हुआ। 21-22 अगस्त तक चले इस दो दिवसीय आयोजन का विषय “इंटेलिजेंट एंड इनक्लूसिव साउंड: ब्रिजिंग स्पीच, म्यूजिक एंड ह्यूमन-सेंटर्ड टेक्नोलॉजीज” रहा।

कार्यक्रम का आयोजन बीआईटी मेसरा के गणित विभाग ने सर सी. वी. रमन सेंटर फॉर फिजिक्स एंड म्यूजिक, जादवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता के सहयोग से किया। सिम्पोजियम में स्पीच, संगीत, एकॉस्टिक्स, कॉग्निटिव स्पीच, म्यूजिक प्रोसेसिंग, कम्प्यूटेशनल म्यूजिकोलॉजी और गणितीय मॉडलिंग जैसे क्षेत्रों में हो रहे शोध पर चर्चा हुई।

उद्घाटन सत्र में विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

21 अगस्त को आयोजित उद्घाटन समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन और संस्थान गान के साथ हुई। सेंट जॉन्स यूनिवर्सिटी, यूएसए की प्रोफेसर स्मिता गुहा ने मुख्य अतिथि और आईआईटी बॉम्बे की प्रोफेसर प्रीति राव ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया।

उद्घाटन सत्र में प्रोफेसर सौभिक चक्रवर्ती, प्रोफेसर पीयूष तिवारी, प्रोफेसर राजू पोद्दार, आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर श्यामल कुमार दास और जादवपुर यूनिवर्सिटी के डॉ. शंख सान्याल ने संबोधित किया। प्रोफेसर प्रीति राव और प्रोफेसर स्मिता गुहा ने स्पीच, एकॉस्टिक्स और मानव-केंद्रित तकनीकों में समकालीन शोध पर मुख्य व्याख्यान दिए। इस दौरान FRSM 2026 की एब्स्ट्रैक्ट बुकलेट का विमोचन भी किया गया।

40 शोध पत्र हुए प्रस्तुत

सिम्पोजियम के दौरान देश-विदेश से आए शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने स्पीच, संगीत, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और संबंधित तकनीकों पर अपने शोध प्रस्तुत किए। कुल 40 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें से तीन उत्कृष्ट शोध पत्रों को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में प्रोफेसर मार्कस पियर्स, डॉ. आशुतोष कर, प्रोफेसर उमर फारूक, संज हॉल, डॉ. एस. बी. सिंह और सुश्री गीताश्री मजुमदार सहित कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल हुए।

सांस्कृतिक संध्या ने बांधा समां

सिम्पोजियम के पहले दिन आयोजित सांस्कृतिक संध्या में संगीत, नृत्य, लाइव पेंटिंग और नाटक की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में रिदमिक योगा, लाइव पेंटिंग, सरस्वती वंदना, शास्त्रीय एवं उप-शास्त्रीय संगीत, ‘चंडालिका नृत्य’, ‘काफी पल्लवी’ और नाटक की प्रस्तुतियां हुईं। इसके अलावा सदाबहार गीतों और बॉलीवुड मैशअप ने छात्रों और प्रतिभागियों में खासा उत्साह भर दिया।

FRSM 2026 का उद्देश्य स्पीच, संगीत और इंटेलिजेंट साउंड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अंतर्विषयक अनुसंधान, शैक्षणिक संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना रहा। सिम्पोजियम के माध्यम से शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों को नए विचार साझा करने तथा भविष्य की मानव-केंद्रित साउंड टेक्नोलॉजी के लिए सहयोग की संभावनाएं तलाशने का मंच मिला।

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