JPSC-JSSC विवाद पर चंपाई सोरेन का सरकार पर हमला, बोले- छात्रों के साथ हुआ अन्याय
रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता चंपाई सोरेन ने JPSC-JSSC भर्ती विवाद को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों का समाधान करने के बजाय परीक्षा रद्द कर CBI जांच से बचने की कोशिश कर रही है। चंपाई सोरेन ने छात्र आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज की भी कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया।
भर्ती प्रक्रियाओं पर लगातार सवाल उठने का दावा
चंपाई सोरेन ने कहा कि पिछले कई वर्षों में राज्य की नियुक्ति प्रक्रियाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उनके मुताबिक छात्र JPSC और JSSC में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी मुख्य मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया।
परीक्षा रद्द करने के फैसले पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि परीक्षा रद्द करने से पहले अपनाई जाने वाली प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर भी कई सवाल हैं। उन्होंने कहा कि आयोग से दस्तावेज लेने, विभागीय स्तर पर जांच और उसके बाद कैबिनेट में प्रस्ताव रखने जैसी प्रक्रिया के बाद ही इस तरह का निर्णय लिया जाना चाहिए।
उन्होंने JPSC के अध्यक्ष और सदस्यों के इस्तीफे तथा मामले में हुई गिरफ्तारियों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि यदि गड़बड़ी नहीं थी तो इतनी कार्रवाई क्यों की गई।
JPSC के दस्तावेजों को लेकर सवाल
चंपाई सोरेन ने JPSC को संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि आयोग के जिम्मेदार पदों पर बदलाव के बाद भर्ती से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
छात्रों पर लाठीचार्ज को बताया तानाशाही
छात्र आंदोलन पर बोलते हुए चंपाई सोरेन ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने पूरे आंदोलन के दौरान संयम बनाए रखा। इसके बावजूद उन पर पुलिस कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों को राजनीतिक चश्मे से देख रही है और आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग किसी राजनीतिक दल के हित में नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच से जुड़ी है।
JSSC-CGL परीक्षा को लेकर भी लगाए गंभीर आरोप
चंपाई सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा के बड़ी संख्या में सवाल पहले से मेल खाने की जानकारी जांच एजेंसियों तक पहुंची थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
CBI जांच की मांग पर कायम
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि JPSC और JSSC से जुड़ी सभी कथित भर्ती विसंगतियों की CBI से जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जब वे मुख्यमंत्री थे, तब भी JPSC में गड़बड़ी की शिकायतों पर SIT का गठन किया गया था।
चंपाई सोरेन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर निष्पक्ष फैसला नहीं हुआ और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं लाई गई, तो आने वाले समय में इसका जवाब जनता देगी। उन्होंने छात्रों के आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन जारी रखने की बात कही।


