गिरिडीह:- झारखंड में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई मारपीट की घटनाओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और झामुमो पर तीखा हमला बोला है। गिरिडीह में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने छात्रों के साथ कथित मारपीट को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि गिरिडीह के झंडा मैदान में छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। उन्होंने हजारीबाग, रांची और रामगढ़ समेत अन्य स्थानों पर भी छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज को लाठी-डंडों के बल पर दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन करने, नारे लगाने और प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है। यदि किसी के द्वारा इस अधिकार को बलपूर्वक कुचलने का प्रयास किया जाता है, तो भाजपा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने जरूरत पड़ने पर भाजपा द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात भी कही।
‘छात्र आंदोलन को लेकर सरकार की नीयत शुरू से साफ नहीं’
मरांडी ने आरोप लगाया कि 21 अगस्त को छात्रों के साथ हुई मारपीट अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे पहले से तैयारी थी। उन्होंने कहा कि छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे और 10 अगस्त को विधानसभा मार्च के दौरान भी उन्होंने अनुशासन बनाए रखा था।
उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को खत्म करने के लिए वार्ता के नाम पर केवल दिखावा किया गया। मरांडी ने कहा कि 20 अगस्त की समय-सीमा के बाद छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास घेराव का निर्णय लिया था, जिसके बाद सरकार ने कथित तौर पर आंदोलन को कमजोर करने की रणनीति अपनाई।
राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल
बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खुद शांतिपूर्ण आंदोलनों के समर्थन की बात करते हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों के साथ हो रही घटनाओं पर उनकी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सीबीआई जांच की मांग
मरांडी ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि छात्रों के खिलाफ हिंसा के पीछे कौन लोग थे और किसके निर्देश पर भीड़ जुटाई गई थी। उन्होंने गिरिडीह के महेशमुंडा से सामने आए कथित WhatsApp संदेश का हवाला देते हुए मामले की जांच और संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की मांग की।
उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रशासन से मांग की कि छात्रों के साथ मारपीट के मामले में सामने आए वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान की जाए, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष रंजीत राय समेत पार्टी के अन्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।


