इमरान खान को अस्पताल से छह घंटे बाद फिर अदियाला जेल भेजा गया
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाने के कुछ ही घंटों बाद दोबारा अदियाला जेल भेज दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद स्थित शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल लाया गया था। करीब छह घंटे तक मेडिकल जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें फिट बताया, जिसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच वापस जेल पहुंचा दिया गया।
अस्पताल के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इमरान खान को गुरुवार देर रात अस्पताल लाया गया था। उनकी सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल के आसपास पुलिस की कई टुकड़ियां तैनात की गई थीं। मेडिकल जांच के लिए छह डॉक्टरों की विशेष टीम बनाई गई थी। जांच पूरी होने के बाद शुक्रवार सुबह उन्हें दोबारा अदियाला जेल ले जाया गया।
बताया जा रहा है कि प्रशासन ने यह पूरी प्रक्रिया बेहद गोपनीय तरीके से पूरी की, ताकि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थक अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में जमा न हो सकें।
आंख की बीमारी को लेकर परिवार चिंतित
इमरान खान की दाहिनी आंख की समस्या को लेकर उनके परिवार और समर्थक लंबे समय से चिंता जताते रहे हैं। जनवरी के अंत में उनकी आंख में बीमारी का पता चला था। इसके बाद उन्हें कई बार पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया।
परिवार की ओर से मांग की जा रही थी कि उन्हें बेहतर इलाज के लिए किसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया जाए। इसी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाने का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने 48 घंटे में अस्पताल ले जाने को कहा था
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने सरकार को निर्देश दिया था कि 73 वर्षीय इमरान खान को 48 घंटे के भीतर शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया जाए। अदालत ने आदेश दिया था कि उन्हें अगली सुनवाई तक अस्पताल में रखा जाए।
हालांकि, सरकार ने इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। सरकार का कहना था कि इमरान खान को अस्पताल में रखने का आदेश अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
क्या विदेश जा सकते हैं इमरान खान?
इमरान खान के इलाज को लेकर विदेश भेजे जाने की संभावना की चर्चा भी सामने आई है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के सांसद तारिक फजल चौधरी ने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर इमरान को इलाज के लिए विदेश भेजने का विकल्प मौजूद हो सकता है।
यदि ऐसा होता है तो इसकी तुलना पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के मामले से की जा रही है। नवाज शरीफ भी इलाज के लिए विदेश गए थे और बाद में लंबे समय तक लंदन में रहे।


