नई दिल्ली। वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस के पुराने फैसलों पर एक बार फिर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने तुष्टीकरण की राजनीति के चलते ऐसे फैसले लिए, जिनका असर देश की एकता और राष्ट्रीय भावनाओं पर पड़ा।
अमित शाह ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति की भावना से जुड़ा प्रतीक है। उन्होंने कांग्रेस के फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति के लिए राष्ट्रीय प्रतीकों और भावनाओं से समझौता किया गया।
गृह मंत्री ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति इतनी आगे बढ़ गई थी कि देश के विभाजन तक की परिस्थितियां पैदा हुईं। उनके बयान के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
वंदे मातरम् को लेकर विवाद का मुद्दा सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक इस पर बहस शुरू हो गई है। बीजेपी जहां कांग्रेस के पुराने फैसलों को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस की ओर से भी इस मुद्दे पर जवाब दिए जाने की उम्मीद है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, वंदे मातरम् और तुष्टीकरण का मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बन सकता है।


