झारखंड सरकार ने सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने तथा कुशल चालकों के विकास के उद्देश्य से जमशेदपुर में टियर-I इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR) की स्थापना को स्वीकृति दे दी है। प्रस्तावित संस्थान का निर्माण राज्य द्वारा उपलब्ध करायी गयी 11.88 एकड़ भूमि में किया जाएगा। संस्थान का संचालन केंद्र सरकार, राज्य सरकार एवं टाटा मोटर्स के सहभागिता मॉडल के अंतर्गत किया जाएगा, जिसमें टाटा मोटर्स वित्तीय सभागिता के साथ संचालन की जिम्मेदारी भी निभाएगा। उक्त निर्णय दिनांक 12/03/2026 को माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया।
परियोजना लागत, वित्तीय साझेदारी एवं क्रियान्वयन व्यवस्था
मंत्रिपरिषद द्वारा संस्थान की स्थापना हेतु 22.03 करोड़ रुपये (बाईस करोड़ तीन लाख रुपये) की अनुमानित लागत वाली विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें परियोजना के वित्तपोषण में भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 17 करोड़ रुपये (सत्रह करोड़ रुपये) की अनुदान सहायता प्रदान की जाएगी, जो कुल परियोजना लागत का लगभग 77 प्रतिशत है।
परियोजना के ढांचे के अंतर्गत टाटा मोटर्स अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल और तकनीकी साझेदारी के तहत लगभग 1.82 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। यह प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी संस्थान के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाएगी, साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की नियुक्ति और आधुनिक वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। राज्य सरकार इस सुविधा के लिए 3.21 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
IDTR की स्थापना राज्य के समग्र विकास, सड़क सुरक्षा सुदृढ़ीकरण तथा आम जनहित में एक महत्वपूर्ण एवं आवश्यक पहल
राज्य में IDTR (Institute of Driving Training & Research) की स्थापना का उद्देश्य सुरक्षित, कुशल एवं जिम्मेदार वाहन चालकों का निर्माण करना है।
- आधुनिक उपकरणों एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे आम नागरिक सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति दक्ष बन सकेंगे।
- प्रशिक्षित चालकों की संख्या में वृद्धि से दुर्घटनाओं में कमी आएगी तथा जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। प्रशिक्षण एवं परीक्षण की सुव्यवस्थित व्यवस्था से पात्र अभ्यर्थियों को ही ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किया जा सकेगा, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।
- संस्थान के संचालन हेतु विभिन्न पदों पर स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। ड्राइविंग के साथ-साथ ऑटोमोबाइल एवं परिवहन क्षेत्र से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान कर युवाओं की रोजगार क्षमता में वृद्धि की जाएगी।
- बस, ट्रक एवं अन्य वाणिज्यिक वाहन चालकों को विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर परिवहन सेवाओं की गुणवत्ता एवं सुरक्षा में सुधार किया जाएगा।
- संस्थान द्वारा समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आम नागरिकों को यातायात नियमों के पालन हेतु प्रेरित किया जाएगा। प्रशिक्षित एवं अनुशासित चालकों के माध्यम से राज्य की परिवहन प्रणाली अधिक सुरक्षित, सुगम एवं प्रभावी बनेगी।
IDTR (Institute of Driving Training & Research) की यह स्थापना केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि राज्य के सुरक्षित और स्वावलंबी भविष्य की नींव है। आधुनिक प्रशिक्षण और तकनीकी कौशल का यह संगम जहाँ एक ओर युवाओं के लिए प्रतिष्ठापूर्ण आजीविका के द्वार खोलेगा, वहीं दूसरी ओर सड़क अनुशासन के नए मानक स्थापित करेगा। यह संस्थान ‘दंड’ के स्थान पर ‘दक्षता’ और ‘डर’ के स्थान पर ‘दायित्व’ की भावना को प्राथमिकता देकर एक ऐसे आदर्श परिवहन तंत्र का निर्माण करेगा, जहाँ हर नागरिक सड़क पर स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सके। यह पहल आने वाले समय में राज्य की प्रगति और मानवीय सुरक्षा के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करेगी।

