रांची: झारखंड की राजधानी रांची को खूबसूरत और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए नगर निगम ने बड़ी तैयारी की है। शहर के 100 स्थानों पर ग्रीन पैच विकसित किए जाएंगे। इन स्थानों पर रंग-बिरंगे फूल, आकर्षक पौधे और हरियाली देखने को मिलेगी। रांची नगर निगम इस परियोजना पर करीब 2 करोड़ 85 लाख रुपये खर्च करेगा। योजना के तहत आने वाले एक साल में राजधानी के कई इलाकों का स्वरूप बदलने की तैयारी है।
रांची नगर निगम के नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने बताया कि शहर को सुंदर और इको-फ्रेंडली बनाने के उद्देश्य से ग्रीन पैच विकसित किए जा रहे हैं। इसके लिए राजधानी को चार जोन में बांटा गया है। खास बात यह है कि ऐसे स्थानों को भी चिह्नित किया गया है, जहां स्थानीय लोग अक्सर घरों का कचरा फेंकते हैं। इन जगहों को हरियाली से विकसित कर शहर की सुंदरता बढ़ाने और स्वच्छता को प्रोत्साहित करने की योजना है।
चार जोन में होगा ग्रीन पैच का निर्माण
जोन-1: 84.37 लाख रुपये का बजट
इस जोन में चुटिया, रांची रेलवे स्टेशन और कोकर समेत 25 से अधिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है। यहां चयनित स्थानों पर हरियाली विकसित करने की योजना है।
जोन-2: 57.71 लाख रुपये का बजट
इस जोन के तहत कांटाटोली, डोरंडा और हटिया के कई इलाकों में ग्रीन पैच बनाए जाएंगे। इससे इन क्षेत्रों में भी हरियाली और सुंदरता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
जोन-3: 59 लाख रुपये का बजट
सहजानंद चौक, हरमू, अरगोड़ा चौक, बिरसा चौक और कडरू मार्ग सहित कई स्थानों को इस जोन में शामिल किया गया है। बिरसा चौक से धुर्वा गोलचक्कर तक सड़क के किनारे खूबसूरत पेड़-पौधे और हरियाली विकसित करने की योजना है।
जोन-4: 83.85 लाख रुपये का बजट
इस जोन में दीनदयाल चौक से जज कॉलोनी, एलपीएन शाहदेव चौक और पंडरा रोड सहित कई इलाकों का कायाकल्प किया जाएगा। इसके अलावा कांके राम मंदिर से झारखंड मंत्रालय यानी प्रोजेक्ट बिल्डिंग तक के व्यस्त मार्ग को मॉडल कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां वर्टिकल गार्डन और ग्रीन पैच तैयार किए जाएंगे।
शहर की सुंदरता के साथ स्वच्छता पर भी जोर
ग्रीन पैच परियोजना से शहर के उन स्थानों को नया स्वरूप देने की उम्मीद है, जहां फिलहाल कचरा फेंके जाने की समस्या बनी रहती है। यदि इन स्थानों का नियमित रखरखाव किया गया और कचरा फेंकने पर प्रभावी रोक लगी, तो रांची की सुंदरता के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सकता है।
नगर निगम की इस पहल के तहत आने वाले एक साल में राजधानी के कई प्रमुख चौक-चौराहों और सड़कों के आसपास हरियाली विकसित करने का लक्ष्य है।

