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निरसा में कोयला चोरी के खिलाफ भड़का आक्रोश, कर्मियों से मारपीट की शिकायत लेकर थाने पहुंचे विधायक अरूप चटर्जी और सैकड़ों ईसीएल कर्मचारी

निरसा, धनबाद: ईसीएल के मुगमा क्षेत्र में कथित कोयला चोरी और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ मारपीट व छीनतई की शिकायतों को लेकर मामला गरमा गया है। हरियाजाम और बैजना खदानों में अवैध रूप से प्रवेश कर कोयला चोरी किए जाने के आरोपों के बीच कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसी मुद्दे पर बीसीकेयू के बैनर तले निरसा के विधायक अरूप चटर्जी के नेतृत्व में सैकड़ों ईसीएल कर्मचारी निरसा थाना पहुंचे और पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

कोयला चोरी के साथ कर्मचारियों से मारपीट का आरोप

ईसीएल के मुगमा क्षेत्र की हरियाजाम और बैजना खदानों में कथित कोयला चोरी को लेकर कर्मचारियों ने चिंता जताई है। आरोप है कि खदानों में अवैध तरीके से घुसने वाले लोग कोयला चोरी के अलावा ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के साथ मारपीट और छीनतई की घटनाओं को भी अंजाम दे रहे हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि खदानों में काम करने के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। यदि ड्यूटी के दौरान ही कर्मियों को हमले का डर बना रहे, तो इससे कामकाज और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, घटनाओं और आरोपों की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी।

विधायक अरूप चटर्जी के नेतृत्व में थाने पहुंचे कर्मचारी

कर्मचारियों की सुरक्षा और कोयला चोरी के मुद्दे को लेकर बीसीकेयू के बैनर तले सैकड़ों ईसीएल कर्मियों ने निरसा थाना पहुंचकर अपनी शिकायतें रखीं। इस दौरान विधायक अरूप चटर्जी भी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने पुलिस से कथित कोयला चोरी, मारपीट और छीनतई के मामलों में ठोस कार्रवाई करने की मांग की।

प्रदर्शन के जरिए कर्मचारियों ने यह भी मांग उठाई कि खदानों में अवैध प्रवेश रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।

थाना प्रभारी ने कार्रवाई का दिया भरोसा

मामले को लेकर निरसा थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक अजीत भारती ने शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई करने की बात कही।

इसके साथ ही ईसीएल प्रबंधन को अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने की जरूरत बताई गई। उद्देश्य यह है कि पुलिस और ईसीएल प्रबंधन के बीच समन्वय बनाकर खदानों में अवैध प्रवेश और कोयला चोरी पर अंकुश लगाया जा सके।

विधायक ने ईसीएल प्रबंधन की जवाबदेही पर उठाए सवाल

विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि कोयला चोरी की समस्या गंभीर होती जा रही है और अब जनप्रतिनिधियों को भी इस मुद्दे पर सामने आना पड़ रहा है। उन्होंने जोर दिया कि केवल पुलिस कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ईसीएल प्रबंधन को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

उनके मुताबिक, खदानों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और कर्मचारियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। पुलिस और प्रबंधन की संयुक्त कार्रवाई से ही इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

मुगमा क्षेत्र में सामने आई शिकायतों ने खदानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि खदानों में अवैध प्रवेश रोकने, कोयला चोरी की घटनाओं की जांच करने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

फिलहाल पुलिस की ओर से कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायतों के आधार पर क्या कार्रवाई होती है और ईसीएल प्रबंधन सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाता है।

यह मामला केवल कोयला चोरी से होने वाले नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि खदानों में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा से भी जुड़ा है। ऐसे में पुलिस और ईसीएल प्रबंधन की संयुक्त कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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