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झारखंड में बोर्ड-निगम और 20 सूत्री कमेटियों में नियुक्ति की तैयारी तेज, जल्द होगा नामों का चयन

रांची। झारखंड में लंबे समय से खाली पड़े बोर्ड-निगमों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति का इंतजार अब जल्द खत्म होने की उम्मीद है। राज्य में बोर्ड-निगमों के गठन के साथ-साथ 20 सूत्री कमेटियों के खाली पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से इस दिशा में कवायद शुरू कर दी गई है।

बोर्ड-निगमों के गठन के लिए बनाई गई उच्चस्तरीय कमेटी के सदस्य और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बताया कि नियुक्तियों को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इस संबंध में कमेटी की पहली बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न पदों पर नियुक्ति को लेकर चर्चा हुई।

समर्पित कार्यकर्ताओं को मिलेगी जिम्मेदारी

राजेश ठाकुर ने कहा कि पार्टी की ओर से ऐसे कार्यकर्ताओं को बोर्ड-निगमों में जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा रहा है, जिन्होंने संगठन के प्रति समर्पण और निष्ठा के साथ काम किया है। विभिन्न पदों के लिए आवेदन भी प्राप्त हुए हैं, जिन पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नियुक्तियों के लिए नामों का चयन करते समय पार्टी के प्रति कार्यकर्ताओं के योगदान और उनकी भूमिका को ध्यान में रखा जाएगा।

करीब एक हजार पदों पर होगी नियुक्ति

बोर्ड-निगमों के साथ-साथ राज्य में 20 सूत्री कमेटियों के गठन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। इन दोनों व्यवस्थाओं में करीब एक हजार पद खाली बताए जा रहे हैं। लंबे समय से इन पदों पर नियुक्ति नहीं होने के कारण पार्टी कार्यकर्ताओं को इंतजार करना पड़ रहा है।

राजेश ठाकुर के अनुसार, खाली पदों पर जल्द नियुक्ति की जाएगी। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रस्तावित नामों की सूची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सौंपी जाएगी और उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया जाएगा।

कार्यकर्ताओं में बढ़ी उम्मीद

बोर्ड-निगमों और 20 सूत्री कमेटियों में नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज होने से सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं में उम्मीद बढ़ गई है। माना जा रहा है कि नियुक्तियों के जरिए संगठन के समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं को सरकार में जिम्मेदारी मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।

अब सभी की नजरें नामों के चयन और मुख्यमंत्री स्तर पर होने वाले अंतिम निर्णय पर टिकी हैं। यदि प्रक्रिया जल्द पूरी होती है, तो लंबे समय से खाली पड़े पदों पर नियुक्ति का रास्ता खुल सकता है।

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