रांची: -डोरंडा विद्युत डिवीजन क्षेत्र के हेसाग में सरकारी बिजली उपकरणों की कथित बरामदगी को लेकर विद्युत विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष संजय महली की शिकायत के बाद विभागीय अधिकारियों की टीम बिजली विभाग के ठेकेदार अनवर अंसारी के घर पर छापेमारी कर रही है।
छापेमारी के दौरान विभागीय टीम ने बड़ी मात्रा में विद्युत सामग्री बरामद किए जाने का दावा किया है। बरामद सामानों में बिजली के तार, केबल, ट्रांसफॉर्मर, इंसुलेटर, एमसीबी बॉक्स, रेल पोल सहित कई अन्य विद्युत उपकरण शामिल बताए जा रहे हैं।
करोड़ों की सामग्री होने की संभावना
विभागीय सूत्रों के अनुसार, बरामद विद्युत सामग्री की कीमत करोड़ों रुपये में होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, बरामद सामान की वास्तविक कीमत और उसके सरकारी होने की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी। अधिकारियों द्वारा बरामद सामग्री से संबंधित दस्तावेजों का भी मिलान किया जा रहा है।
मौके पर विद्युत विभाग के अधिकारी और डोरंडा डिवीजन की टीम मौजूद है। टीम द्वारा बरामद सभी सामानों की गिनती, पहचान और सूची तैयार की जा रही है। इसके साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद सामग्री विभाग के किस भंडार या कार्यस्थल से संबंधित है और निजी परिसर में कैसे पहुंची।
अधिकारियों की मौजूदगी में जांच जारी
कार्रवाई के दौरान कार्यपालक अभियंता प्रमोद कुमार गुप्ता, सहायक अभियंता सौरव कुमार, कनीय अभियंता समेत अन्य विभागीय कर्मी मौके पर मौजूद बताए गए हैं। अधिकारी पूरे मामले से जुड़े रिकॉर्ड और सामानों की जांच कर रहे हैं।
फिलहाल विभागीय टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि बरामद सामग्री सरकारी संपत्ति है या नहीं। यदि सामग्री सरकारी पाई जाती है तो उसे निजी परिसर में रखे जाने के कारणों और इसके पीछे की पूरी स्थिति भी जांच के बाद सामने आएगी।
नोट: बरामदगी और सरकारी संपत्ति से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही होगी।


