गढ़वा: झारखंड के गढ़वा शहर में लूट का एक नया और हैरान करने वाला तरीका सामने आया है। यहां कथित तौर पर लुटेरे हथियार दिखाकर नहीं, बल्कि लोगों को बातों में उलझाकर और कथित सम्मोहन के जरिए अपना शिकार बना रहे हैं। पिछले कुछ समय में ऐसे करीब पांच मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें लाखों रुपये के जेवरात और सामान लूटे जाने की बात सामने आई है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कई वारदातें सीसीटीवी कैमरों में कैद भी हुई हैं, बावजूद इसके अब तक पुलिस लुटेरों तक नहीं पहुंच सकी है। इससे पीड़ितों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी बढ़ रही है।
हाल ही में एक महिला को महिला डॉक्टर के बारे में बातचीत में उलझाकर उनके शरीर पर पहने करीब 5 लाख रुपये के सोने के जेवरात उतरवा लिए गए। महिला को बाद में जब घटना का अहसास हुआ तो उनके होश उड़ गए।
इसी तरह एक व्यवसायी की दुकान पर मंदिर जाने की बात कहकर पहुंचे व्यक्ति ने बातचीत के दौरान कथित तौर पर व्यवसायी को अपने जाल में फंसा लिया। कुछ देर बाद व्यवसायी के पास रखे करीब एक लाख रुपये के आभूषण गायब मिले।
फरवरी में शहर की एक स्वर्ण दुकान में भी दो युवक पहुंचे थे। आरोप है कि दोनों ने स्वर्ण व्यवसायी को बातों में उलझाया और कुछ ही देर में करीब 30 लाख रुपये के गहने लेकर फरार हो गए। वहीं, एक कपड़ा व्यवसायी भी इसी तरह की कोशिश का शिकार होते-होते बच गया।
इन मामलों में पीड़ितों ने सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस जांच का भरोसा देती है, लेकिन अब तक न तो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं और न ही लूटा गया सामान बरामद हुआ है।
गढ़वा पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच की जा रही है और वारदातों के पैटर्न को जोड़कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान लोगों से बातचीत करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना दें।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध सुरागों के बावजूद पुलिस इन कथित ‘हाईटेक लुटेरों’ तक कब पहुंच पाती है।


