Wednesday, February 25, 2026
HomeJharkhandदीदियों की पहल से सुरक्षित और आत्मनिर्भर होली की ओर कदम

दीदियों की पहल से सुरक्षित और आत्मनिर्भर होली की ओर कदम

सिमडेगा में हर्बल गुलाल का शुभारंभ

रंगों के पावन पर्व होली को लेकर जिलेभर में उत्साह का माहौल है। इसी क्रम में आज दिनांक 25 फरवरी 2026 को समाहरणालय सभागार में स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा तैयार हर्बल गुलाल का विधिवत शुभारंभ किया गया। आदरणीय उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह एवं उप विकास आयुक्त श्री दीपांकर चौधरी ने संयुक्त रूप से हर्बल गुलाल का लोकार्पण कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
उल्लेखनीय है कि जिले के टी. टांगर, बानो, केरसई एवं जलडेगा प्रखंडों की स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ सामूहिक रूप से प्राकृतिक तरीके से हर्बल गुलाल तैयार की हैं। यह गुलाल फूलों, हल्दी, चुकंदर तथा अन्य वनस्पतियों से पारंपरिक विधि द्वारा रंग तैयार कर उसे सुखाकर एवं छानकर गुलाल तैयार किया गया है। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के रासायनिक तत्व का प्रयोग नहीं किया जाता, जिससे यह पूरी तरह त्वचा के लिए सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल है।
बाजार में उपलब्ध रासायनिक गुलाल से होने वाली एलर्जी, खुजली एवं अन्य दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए दीदियों ने प्राकृतिक विकल्प उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। प्रत्येक वर्ष होली के अवसर पर गुलाल की बिक्री से स्वयं सहायता समूहों को अच्छा लाभ प्राप्त होता है, जिससे समूह की आय में वृद्धि होती है और महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती है। इससे उनके आत्मविश्वास एवं आत्मनिर्भरता में भी बढ़ोतरी होती है।
इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री शांति मार्डी ने हर्बल गुलाल के उत्पादन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी साथ ही संबंधित प्रखंडों से आई दीदियों को उपायुक्त महोदया ने गुलाल लगाकर होली की अग्रिम शुभकामनाएँ दीं और उनके प्रयासों की सराहना की।
उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि होली के इस पावन अवसर पर सभी लोग स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित हर्बल गुलाल का उपयोग करें। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक संबल मिलेगा तथा जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल होली मनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर समाज कल्याण पदाधिकारी, जेएसएलपीएस के सभी जिला प्रबंधक एवं अन्य कर्मी उपस्थित रहे।
जिलेवासियों से आग्रह किया गया है कि इस होली रासायनिक रंगों से दूरी बनाते हुए स्थानीय दीदियों द्वारा निर्मित हर्बल गुलाल को प्राथमिकता दें। इस वर्ष होली का उत्सव न केवल खुशियों के रंग बिखेरेगा, बल्कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का भी संदेश देगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments