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दीपावली और काली पूजा को लेकर रांची प्रशासन अलर्ट, उपायुक्त ने 9 पूजा पंडालों का किया निरीक्षण

सुरक्षा, अग्निशमन और भीड़ प्रबंधन को लेकर पूजा समितियों को सख्त निर्देश; विसर्जन जुलूस में भड़काऊ गाने और नारों पर रहेगी रोक

रांची: दीपावली और काली पूजा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए रांची जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। त्योहार के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में गुरुवार को उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने शहर के विभिन्न इलाकों में बनाए जा रहे काली पूजा पंडालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पूजा समितियों के सदस्यों से मुलाकात कर तैयारियों की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इन पूजा पंडालों का उपायुक्त ने किया निरीक्षण

उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने अल्बर्ट एक्का चौक, कॉसमॉस क्लब, वर्द्धमान कंपाउंड, अग्रदूत क्लब प्लाजा चौक, डोरंडा बाजार काली पूजा समिति, काली मंदिर डोरंडा, कुसई कॉलोनी काली पूजा समिति, छप्पन सेट और एजी कॉलोनी में तैयार किए जा रहे पूजा पंडालों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने पंडाल निर्माण, श्रद्धालुओं की सुविधा, बिजली व्यवस्था, साफ-सफाई और सुरक्षा से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि पूजा समितियां जिला प्रशासन की ओर से जारी सभी दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें।

पंडालों में अग्निशमन और आपातकालीन निकास की व्यवस्था जरूरी

उपायुक्त ने पंडालों में बिजली की वायरिंग और अस्थायी विद्युत कनेक्शन को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिजली के तार खुले या असुरक्षित नहीं रहने चाहिए। शॉर्ट सर्किट और आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखे जाएं। इसके साथ ही पंडालों में अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते बनाने, पर्याप्त रोशनी, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था रखने का भी निर्देश दिया गया।

भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयंसेवकों की होगी तैनाती

उपायुक्त ने पूजा समितियों से पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती करने और भीड़ को नियंत्रित रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी तरह की अव्यवस्था या अप्रिय घटना से बचने के लिए विशेष सतर्कता जरूरी है।

पंडालों और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने तथा किसी भी तरह की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस और प्रशासन को देने का निर्देश भी दिया गया।

विसर्जन जुलूस में अनुशासन जरूरी, भड़काऊ गाने और नारों पर रोक

प्रतिमा विसर्जन को लेकर उपायुक्त ने पूजा समितियों को स्थानीय थाना और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया। विसर्जन के लिए निर्धारित मार्ग और समय का पालन करने तथा यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने में सहयोग करने को कहा गया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विसर्जन जुलूस के दौरान अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए। किसी भी प्रकार के भड़काऊ, आपत्तिजनक या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले गीत, नारे और गतिविधियों से पूरी तरह परहेज करने की अपील की गई।

दीपावली पर पटाखे जलाते समय बरतें सावधानी

जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी दीपावली के दौरान सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार, पटाखे खुले और सुरक्षित स्थानों पर ही जलाएं। बच्चों को पटाखे जलाते समय अकेला नहीं छोड़ें। पेट्रोल पंप, विद्युत प्रतिष्ठानों, ज्वलनशील पदार्थों और भीड़भाड़ वाले इलाकों के आसपास आतिशबाजी करने से बचें।

उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने पूजा समितियों, आयोजनकर्ताओं और आम नागरिकों से दीपावली एवं काली पूजा को आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें और शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत, प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) धनंजय, उपसमाहर्ता नजारत सुदेश कुमार, नगर निगम के संबंधित पदाधिकारी, समाजसेवी आलोक दुबे, शांति समिति के सदस्य जयसिंह यादव और सागर कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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