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मनरेगा मजदूरों को जल्द होगा बकाया भुगतान

मनरेगा मजदूरी

मनरेगा आयुक्त ने राज्य में मनरेगा मजदूरी मद एवं सामग्री मद में फंड दिए जाने का किया आग्रह

ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव, शैलेश कुमार सिंह ने ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।

ग्रामीण विकास विभाग सभागार में आयोजित इस समीक्षा बैठक में मनरेगा एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने झारखंड राज्य की तारीफ करते हुए कहा यहां काम बेहतर हो रहा है साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के भी क्रियान्वयन में तेजी लाएं।

बता दें कि शैलेश कुमार सिंह, सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली का झारखंड राज्य के रामगढ़ जिला का एक दिवसीय क्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम भी है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीण विकास विभाग से संबद्ध विभिन्न योजनाएँ यथा मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), एन0आर0एल0एम0, आदि योजनाओं का निरीक्षण किया जाना है।

मनरेगा आयुक्त ने राज्य में मनरेगा मजदूरी मद में फंड दिए जाने का किया आग्रह

मनरेगा आयुक्त श्रीमती राजेश्वरी बी ने बैठक में मनरेगा की प्रगति पर आधारित प्रस्तुति दी। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 900 लाख अनुमोदित मानव दिवस के विरुद्ध अब तक 913 लाख मानव दिवस सृजन किया जा चुका है। साथ ही इस वित्तीय वर्ष में 1100 लाख से अधिक मानव दिवस सृजन का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बैठक में शैलेश कुमार सिंह से अनुरोध है कि मनरेगा के तहत निर्धारित कार्य दिवस की सीमा को बढ़ाया जाए, ताकि झारखंड के मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही मनरेगा में बकाया मजदूरी मद एवं सामग्री मद का पैसा दिया जाए।

सभी डीजी पे सखियों को बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट सखी बनाएं एवं बैंक से जोड़े- सचिव

सचिव शैलेश कुमार सिंह ने झारखण्ड स्टेट लाईवलीहुड प्रमोशन सोसाईटी द्वारा क्रियान्वित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यों की सराहना की। उन्होनें सखी मंडलों के क्षमतावर्धन पर ध्यान देते हुए ग्राम संगठन के गठन कार्यों में तेजी लाने का निदेश दिया। उन्होने कहा कि सखी मंडल की दीदियों को सशक्त आजीविका व उद्यमिता से जोड़ने के लिए उनसे बात करके स्थानीय संसाधनों के आधार पर दीदियों के लिए आजीविका का चुनाव करें।

शैलेश कुमार सिंह ने बीसी सखियों को हो रही अच्छी आमदनी को देखते हुए डीजी पे सखियों को भी बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट सखी के रुप में बैंक से जोड़ने का निदेश दिया।

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