झारखंड में गिरिडीह विधानसभा सीट पर संभावित उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। दिवंगत विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर उपचुनाव की संभावना के बीच राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से अभी तक उपचुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं।
एक ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की ओर से गांडेय विधायक कल्पना सोरेन लगातार गिरिडीह का दौरा कर रही हैं और पार्टी की राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने में जुटी हैं। वहीं, दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी विभिन्न कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों के जरिए गिरिडीह में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
इसी राजनीतिक माहौल के बीच झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल को चुनाव नजदीक आते ही जनता की याद आने लगती है और चुनाव के समय ही वह जनता के बीच पहुंचता है। इसके विपरीत भारतीय जनता पार्टी साल के 365 दिन जनता के बीच रहकर काम करती है और लगातार जनहित के मुद्दों को उठाती है।
बाबूलाल मरांडी ने गिरिडीह उपचुनाव को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि इस बार गिरिडीह विधानसभा सीट पर बीजेपी की जीत तय है। उनके इस बयान के बाद गिरिडीह की सियासत में चुनावी मुकाबले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। अब देखना होगा कि संभावित उपचुनाव में बीजेपी अपने इस दावे को कितनी मजबूती से जमीन पर उतार पाती है।

