बोकारो: झारखंड के बोकारो में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 200 बोतल विदेशी शराब बरामद की है। हरला थाना क्षेत्र के राजेंद्र मोड़ स्थित बीएसएल की जमीन पर बने एक घर में पुलिस ने छापेमारी की। इस दौरान विभिन्न ब्रांड की विदेशी शराब मिली। वहीं, पुलिस को देखते ही कथित शराब कारोबारी जितेंद्र कुमार मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
गुप्त सूचना पर हरला पुलिस की छापेमारी
जानकारी के अनुसार, हरला थाना पुलिस को राजेंद्र मोड़ स्थित एक घर में अवैध विदेशी शराब जमा किए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने संबंधित ठिकाने पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान घर से विभिन्न ब्रांड की करीब 200 बोतल विदेशी शराब बरामद की गई।
पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में अवैध शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, छापेमारी के दौरान कथित कारोबारी जितेंद्र कुमार पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका और मौके से फरार हो गया।
जेल से बाहर आने के बाद फिर कारोबार में सक्रिय होने का आरोप
पुलिस के अनुसार, जितेंद्र कुमार हाल ही में अवैध शराब की बिक्री से जुड़े मामले में जेल से बाहर आया था। आरोप है कि जेल से निकलने के बाद वह दोबारा इस कारोबार में सक्रिय हो गया था। बताया गया है कि वह लंबे समय से बीएसएल की जमीन पर बने घर में रह रहा था।
हालांकि, मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे घटनाक्रम और उसकी कथित भूमिका को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क की भी जांच
मामले को लेकर सिटी डीएसपी ने बताया कि अवैध शराब के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति का कितना ब्योरा सामने आता है।
डीएसपी के मुताबिक, संपत्ति से संबंधित जानकारी जुटाने के बाद जांच रिपोर्ट संबंधित विभाग को सौंपी जाएगी, ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।
फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
फिलहाल हरला थाना पुलिस बरामद शराब के मामले में आगे की जांच कर रही है। पुलिस की प्राथमिकता फरार आरोपी जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार करना और अवैध शराब के कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाना है।
अब देखना होगा कि पुलिस की जांच में इस कथित कारोबार से जुड़े और कितने लोगों के नाम सामने आते हैं और फरार आरोपी की गिरफ्तारी कब तक हो पाती है।

