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हजारीबाग में जमीन विवाद गहराया, योगेंद्र साव की दावेदारी वाली जमीन पर भवन ध्वस्त; प्रशासन ने किया निरीक्षण

हजारीबाग, झारखंड: हजारीबाग में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की दावेदारी वाली खास महल जमीन पर बनी एक इमारत के अचानक ध्वस्त होने के बाद विवाद गहरा गया है। घटना की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थल का निरीक्षण किया। वहीं, जमीन के स्वामित्व को लेकर योगेंद्र साव और स्थानीय लोगों के बीच विवाद सामने आया है। मामले में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, पेड़ों की कटाई और नाली के पानी की निकासी बाधित होने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।

भवन ध्वस्त होने के बाद मौके पर पहुंचा प्रशासन

जानकारी के अनुसार, भवन के ध्वस्त होने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और वहां की स्थिति का जायजा लिया। सदर अंचल अधिकारी (सीओ) ने बताया कि स्थल निरीक्षण किया गया है और संबंधित जानकारी माननीय न्यायालय के समक्ष रखी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि विवादित जमीन पर स्टेटस quo लागू है।

जमीन पर योगेंद्र साव ने जताया अपना दावा

पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का कहना है कि विवादित जमीन उनकी है और इससे संबंधित दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि जमीन को लेकर मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। योगेंद्र साव के अनुसार, बेटे की शादी की तैयारी के सिलसिले में जमीन को समतल कराया गया था और वहां किसी तरह का निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा था।

सरकारी जमीन पर सफाई को लेकर भी विवाद

विवादित स्थल के पीछे स्थित गैरमजरुआ खास जमीन पर करीब एक सप्ताह पहले सफाई कराए जाने को लेकर भी विवाद सामने आया है। स्थानीय लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिया था।

आवेदन में आरोप लगाया गया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही नाली के पानी की निकासी प्रभावित होने और हरे-भरे पेड़ों को काटे जाने की शिकायत भी की गई। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी।

बड़ा बाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज

स्थानीय लोगों की शिकायत के आधार पर हजारीबाग के बड़ा बाजार थाना में कांड संख्या 260/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, जेसीबी मशीन के ऑपरेटर और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।

हालांकि, प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल जमीन के स्वामित्व, कथित अतिक्रमण और मौके पर हुए घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक एवं कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण है।

सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने की जांच की मांग

इस पूरे मामले में हजारीबाग के सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने भी जिला प्रशासन से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर निशाना साधते हुए मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई है।

फिलहाल, जमीन विवाद को लेकर सभी पक्षों के दावों और आरोपों के बीच प्रशासन की जांच तथा न्यायालय में चल रही कार्यवाही पर नजर बनी हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।

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