रांची: झारखंड की राजधानी रांची को देश के कोयला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में अहम जिम्मेदारी मिलने जा रही है। कोयला सेक्टर में सुरक्षा निगरानी को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत रांची को कोयला क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल की खबर सामने आई है।
ड्रोन तकनीक के जरिए कोयला खदानों, संवेदनशील क्षेत्रों और आसपास के इलाकों पर निगरानी रखना आसान हो सकता है। इससे अवैध खनन, कोयले की चोरी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने में मदद मिलने की उम्मीद है। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से सुरक्षा एजेंसियों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने और संभावित घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने में भी सहूलियत मिल सकती है।
झारखंड देश के प्रमुख कोयला उत्पादक राज्यों में शामिल है। राज्य में कोयला उद्योग आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में कोयला खदानों की सुरक्षा, संसाधनों की निगरानी और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए तकनीक का इस्तेमाल अहम माना जा रहा है।
ड्रोन आधारित निगरानी व्यवस्था लागू होने से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ खदान क्षेत्रों की निगरानी में भी सुधार की संभावना है। हालांकि, रांची में प्रस्तावित केंद्र की आधिकारिक भूमिका, संचालन की समयसीमा और इसमें शामिल एजेंसियों से संबंधित विस्तृत जानकारी की पुष्टि आवश्यक है।

