पलामू: झारखंड के पलामू जिले में रतनाग अपग्रेड राजकीयकृत 10+2 हाई स्कूल के अधूरे भवन निर्माण को पूरा करने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। करीब 16 वर्षों से लंबित इस निर्माण कार्य के लिए जिला अनाबद्ध योजना मद से 37 लाख 93 हजार 500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस फैसले से विद्यालय के भवन निर्माण कार्य को पूरा करने की उम्मीद जगी है।
दिशा कमिटी की बैठक में उठा था मामला
रतनाग हाई स्कूल का भवन निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा था। इससे विद्यालय में शैक्षणिक आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत महसूस की जा रही थी। इस मामले को दिशा कमिटी, पलामू की बैठक में कमिटी सदस्य और वरिष्ठ भाजपा नेता धर्मदेव सिंह यादव ने प्रमुखता से उठाया था।
इसके बाद दिशा कमिटी के अध्यक्ष सह पलामू सांसद विष्णु दयाल राम और उपायुक्त सह कमिटी के सचिव दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मामले को प्राथमिकता दी। प्रशासनिक पहल के बाद जिला अनाबद्ध योजना मद से भवन निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए 37,93,500 रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।
विद्यार्थियों को मिल सकती हैं बेहतर सुविधाएं
विद्यालय भवन का निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा रहने के कारण विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत बनी हुई थी। अब राशि की प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ने की उम्मीद है।
भवन निर्माण पूरा होने से विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। साथ ही, विद्यालय की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
16 साल बाद निर्माण पूरा होने की जगी उम्मीद
रतनाग हाई स्कूल के अधूरे भवन का मामला करीब 16 वर्षों से लंबित था। ऐसे में निर्माण कार्य के लिए राशि स्वीकृत होना विद्यालय और स्थानीय क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस पहल के लिए सांसद विष्णु दयाल राम, उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और जिला योजना पदाधिकारी के प्रति आभार जताया गया है।
हालांकि, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाओं का वास्तविक लाभ तभी मिल सकेगा, जब निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा होगा। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि स्वीकृत राशि से निर्माण कार्य कब शुरू होता है और विद्यालय भवन कब तक तैयार हो पाता है।
फिलहाल, 37.93 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिलने से रतनाग हाई स्कूल के अधूरे भवन का निर्माण पूरा होने की उम्मीद बढ़ी है।

