बोकारो: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापितों का आंदोलन तेज हो गया है। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के छठे दिन विस्थापित अप्रेंटिस संघ के आंदोलनकारियों ने प्लांट के गेट संख्या 9 और 10 को जाम कर दिया। गेट जाम होने से प्लांट में सामान लेकर आने और बाहर जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। दोनों गेटों के बाहर ट्रकों और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। आंदोलनकारी सुबह से ही गेट के बाहर धरने पर बैठे हैं। विस्थापितों ने प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर वार्ता नहीं होती है, तो अगले दिन से प्लांट के अन्य गेटों को भी जाम किया जाएगा।
भूख हड़ताल के छठे दिन आंदोलन तेज
बोकारो स्टील प्लांट में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापित अप्रेंटिस संघ का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से नियोजन की मांग उठा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर अपेक्षित पहल नहीं हुई है। इसी के विरोध में संघ के सदस्य अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
भूख हड़ताल के छठे दिन आंदोलनकारियों ने प्लांट के गेट संख्या 9 और 10 को जाम कर अपना विरोध तेज कर दिया। इस कदम से प्लांट में माल लेकर आने और बाहर जाने वाले वाहनों का परिचालन प्रभावित हुआ है। गेटों के बाहर वाहनों की कतार लगने से आवाजाही में परेशानी की स्थिति बन गई है।
चतुर्थ वर्गीय पदों पर बहाली की मांग
आंदोलन कर रहे विस्थापितों की प्रमुख मांग चतुर्थ वर्गीय पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू करना है। उनका कहना है कि बोकारो स्टील प्लांट की स्थापना के दौरान विस्थापित हुए लोगों और उनके परिवारों के हितों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। विस्थापितों का दावा है कि नियोजन के मुद्दे पर उनकी मांगों का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
आंदोलनकारियों ने प्रबंधन से मांग की है कि नियोजन से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए और वार्ता के जरिए समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रबंधन को वार्ता के लिए दिया अल्टीमेटम
गेट जाम करने के साथ ही आंदोलनकारियों ने प्रबंधन को चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि यदि प्रबंधन वार्ता के लिए आगे नहीं आता है, तो आंदोलन का दायरा और बढ़ाया जाएगा। आंदोलनकारियों ने अगले दिन से प्लांट के अन्य गेटों को भी जाम करने की चेतावनी दी है।
इस चेतावनी के बाद अब सबकी निगाहें बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन के रुख पर टिकी हैं। यदि जल्द वार्ता नहीं होती है, तो प्लांट के अंदर और बाहर वाहनों की आवाजाही पर इसका और व्यापक असर पड़ सकता है।
वाहनों की कतार, परिचालन पर असर
गेट संख्या 9 और 10 पर प्रदर्शन के कारण प्लांट में सामान लेकर आने और बाहर जाने वाले वाहनों की आवाजाही बाधित होने की सूचना है। दोनों गेटों के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। ऐसे में आंदोलन का असर माल परिवहन और संबंधित परिचालन गतिविधियों पर पड़ रहा है।
फिलहाल आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों पर अड़े रहने का संकेत दिया है। अब देखना होगा कि प्रबंधन और विस्थापित अप्रेंटिस संघ के बीच बातचीत शुरू होती है या आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेता है।

