देवघर: खेती में लगातार नुकसान के बाद एक किसान ने नया प्रयोग कर अपनी आमदनी का रास्ता तैयार किया है। देवघर से करीब 30 किलोमीटर दूर सारवा प्रखंड के किसान नंदकिशोर राय ने सब्जी की खेती छोड़कर केले की खेती शुरू की और अब करीब चार एकड़ जमीन पर केले की फसल उगा रहे हैं।
नंदकिशोर राय के अनुसार, पहले उन्होंने एक एकड़ जमीन पर सब्जी की खेती की थी, लेकिन लागत के मुकाबले बेहतर मुनाफा नहीं हो सका। इसके बाद वर्ष 2024 में उन्होंने केले की खेती शुरू करने का फैसला लिया। शुरुआत में करीब डेढ़ लाख रुपये की पूंजी लगाई गई।
किसान बताते हैं कि एक केले के पौधे की कीमत करीब 40 से 42 रुपये पड़ी, जबकि खाद, सिंचाई, दवा और देखभाल समेत कुल खर्च करीब 200 रुपये प्रति पौधा तक पहुंचा। केले की खेती में एक खास बात यह है कि फल देने के बाद पौधे की जड़ से नई कोंपलें निकलती हैं, जिनसे अगली फसल के लिए नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं। इससे आने वाले समय में लागत कम होने की उम्मीद है।
नंदकिशोर राय के मुताबिक, एक बार असामाजिक तत्वों ने रात के समय उनके केले के पौधों को काटकर नष्ट कर दिया था। इससे उन्हें काफी नुकसान हुआ, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और दोबारा केले की खेती शुरू कर दी।
आज किसान करीब चार एकड़ जमीन पर केले की खेती कर रहे हैं और अब तक करीब पांच लाख रुपये की कमाई होने का दावा करते हैं। उनका कहना है कि आगे जड़ों से तैयार होने वाले नए पौधों के कारण खेती की लागत कम होगी और आमदनी में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
बाइट: नंदकिशोर राय, किसान


